BJP-SP आमने-सामने : इटावा में शिवपाल और सदर विधायक में हुई नोकझोंक, चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप
Etawah News: क्रय-विक्रय सहकारी संघ के चुनाव में नामांकन के दौरान के शिवपाल और सदर विधायक में जमकर नोकझोंक हुई। दोनों ने एक-दूसरे पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इटावा जिले में क्रय-विक्रय सहकारी संघ के चुनाव की शनिवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। पहले ही दिन सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और सदर विधायक सरिता भदौरिया ने एक-दूसरे पर नामांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
करीब चार घंटे तक गल्ला मंडी परिसर में हंगामा हुआ। इसके बाद जिम्मेदारों ने उन्हें समझाया। नामांकन के पहले दिन गल्ला मंडी में गहमागहमी शुरू हो गई। दोपहर में कार्यकर्ताओं की शिकायत पर शिवपाल सिंह यादव बेटे आदित्य अंकुर यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक अंशुल यादव के साथ पहुंच गए।
इसकी जानकारी पर सदर विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंच गईं। दोनों नेेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि सुबह से ही भाजपा सदस्य जिनको नामांकन नहीं करना है, अंदर बैठे हैं। वह सपा के लोगों को न पर्चा भरना दे रहे हैं और न ही उन्हें रसीद लेने दे रहे हैं।
नहीं मान रहे हैं सत्ताधारी लोग
दो बजने के बाद भी पर्चा दाखिल नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी बैठे हैं। उनके कहने पर भी सत्ताधारी दल के लोग नहीं मान रहे हैं। चुनाव समाजवादी पार्टी के पक्ष में हो रहा था। इसे देखते हुए माहौल बनाया गया।
सरिता भदौरिया बोलीं- जबरदस्ती घुस आए थे लोग
वहीं सदर विधायक सरिता भदौरिया ने सपा पर आरोप लगाए। कहा कि संघ के नामांकन में शिवपाल सिंह यादव फर्जी पांच-छह लोगों के साथ जबरदस्ती घुस आए। उन सबकी ओर से कार्यकर्ताओं को धमकाकर भगा दिया गया। अपने लोगों का नामांकन करा दिया।
डीएम ने मामला कराया शांत
जब तक उन्हें सूचना मिली तब तक फर्जी तरीके से पांच लोगों का नामांकन करा दिया गया था। सूचना पर डीएम अवनीश राय, एडीएम जयप्रकाश, तहसीलदार राजकुमार, एसपी सिटी कपिल देव पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।
प्रपत्र गड़बड़ मिलने पर नामांकन किया जाएगा खारिज
डीएम अवनीश राय ने बताया कि दोनों पक्षों की आपत्तियां ले ली गई हैं। अलग-अलग समझाकर दोनों पक्षों को शांत करा दिया गया। कागजों में अगर किसी के गलतियां मिलती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिनके प्रपत्र चुनाव लड़ने योग्य नहीं होंगे उनका नामांकन खारिज किया जाएगा।