{"_id":"5b58ac9e4f1c1b8f568b65f6","slug":"sharp-minded-criminal-arrested-in-kanpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गूगल पर प्रोफाइल देख बनाते थे टारगेट, कैबिनेट मंत्री के भाई से रंगदारी मांगने वालों पर कसा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गूगल पर प्रोफाइल देख बनाते थे टारगेट, कैबिनेट मंत्री के भाई से रंगदारी मांगने वालों पर कसा शिकंजा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:37 PM IST
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कैबिनेट मंत्री महाना के चचेरे भाई और बर्रा के सराफ का नंबर भी गूगल से किया था हासिल
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कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के चचेरे भाई और बर्रा के सराफ से रंगदारी मांगने वाले शातिरों को कानपुर पुलिस ने बुधवार को धर दबोचा। शातिरों ने दोनों की प्रोफाइल गूगल पर चेक की और वहीं से मोबाइल नंबर हासिल किया था। पुलिस ने दोनों शातिरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। दोनों ने बताया कि वे गूगल पर प्रोफाइल देख टारगेट तय करते थे। प्रदेश में लूट और रंगदारी की और भी वारदात की हैं।
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एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि 18 जुलाई को बर्रा विश्वबैंक जे-सेक्टर निवासी सराफ घनश्याम गुप्ता से दो लाख और लालबंगला निवासी कैबिनेट मंत्री के चचेरे भाई चेतन महाना से फोन पर एक लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। मामले में एसएसपी की स्वॉट टीम, चकेरी और बर्रा पुलिस को खुलासे के लिए लगाया गया। सर्विलांस की मदद से पुलिस फरीदाबाद पहुंची। यहां मोहम्माबाद के असमापुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह यादव और मास्टर माइंड मैनपुरी के बजेरा गांव के विशाल वैश्य के बारे में पता चला। पुलिस के मुताबिक वहां से दोनों के कानपुर में होने की जानकारी हुई। मंगलवार को दोनों को हरजेंदर नगर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, दो तमंचे और चोरी की बाइक भी बरामद हुई। मास्टर मांइड विशाल ने बताया कि गूगल की मदद से कानपुर समेत कई जिलों के डॉक्टर, ज्वैलर्स और कारोबारियों को निशाने पर ले रखा था। रंगदारी नहीं देने वालों पर जानलेवा हमला भी करवाते थे। मंगलवार को दोनों चेतन महाना पर हमला करने की फिराक में भी थे।
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पुराने जनरेट बेचने का झांसा देकर कारोबारियों को लूटा
पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले दो शातिरों को किया गिरफ्तार
एसपी पूर्वी ने बताया कि मास्टरमाइंड विशाल बीएससी करने के बाद एक जनरेटर कंपनी में नौकरी करने लगा था। कुछ समय नौकरी छोड़कर एसएस पॉवर सल्यूशन नाम से साइट बनाई। पुराने जनरेटर खरीदने-बेचने के नाम पर लूट करता था। उसने बताया कि सात जून को जयपुर के कारोबारी आशीष अग्निहोत्री को 30 लाख का 250केवीए का जनरेटर छह लाख में देने का झांसा देकर बेवर, मैनपुरी बुलाया। इसके बाद तमंचे के बल पर उनसे करीब दो लाख रुपये लूट लिए। इसी तरह 10 जून को जनरेटर कारोबारी संदीप तिवारी से 55 हजार रुपये लूटे। एक लूट के दौरान क्रास फायरिंग में विशाल घायल भी हुआ था। इसके बाद से विशाल रंगदारी मांगने लगा। कुछ मामलों में सफल भी रहा।
सत्येंद्र से करवाता था जानलेवा हमला
एसपी पूर्वी ने बताया कि विशाल प्रोफाइल तैयार करने के साथ ही फोन करके रंगदारी मांगता था। जो देने में आनाकानी करता, उसकी रेकी करके सत्येंद्र के जरिए हमला करवाता था। विशाल मैनपुरी के बेवर थाने से 2017 में लूट और माल बरामदगी में जेल जा चुका है। इसके बाद वह परिवार समेत फरीदाबाद में जाकर रहने लगा था।
इनसे भी मांगी रंगदारी
18 जुलाई को प्रतापगढ़ के ज्ञान प्रकाश एंड संस ज्वैलर्स के मालिक मनीष और छिबरामऊ के हरिओम ज्वैलर्स के मालिक हरिओम से एक लाख की रंगदारी मांगी थी। कानपुर के दो प्रतिष्ठित डॉक्टरों से भी पांच-पांच लाख की मांग की थी।
सत्येंद्र से करवाता था जानलेवा हमला
एसपी पूर्वी ने बताया कि विशाल प्रोफाइल तैयार करने के साथ ही फोन करके रंगदारी मांगता था। जो देने में आनाकानी करता, उसकी रेकी करके सत्येंद्र के जरिए हमला करवाता था। विशाल मैनपुरी के बेवर थाने से 2017 में लूट और माल बरामदगी में जेल जा चुका है। इसके बाद वह परिवार समेत फरीदाबाद में जाकर रहने लगा था।
इनसे भी मांगी रंगदारी
18 जुलाई को प्रतापगढ़ के ज्ञान प्रकाश एंड संस ज्वैलर्स के मालिक मनीष और छिबरामऊ के हरिओम ज्वैलर्स के मालिक हरिओम से एक लाख की रंगदारी मांगी थी। कानपुर के दो प्रतिष्ठित डॉक्टरों से भी पांच-पांच लाख की मांग की थी।