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BRGF SCAM: 17 लोगों पर दर्ज कराया गया मुकदमा, इन पर हुई FIR
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 27 Apr 2018 09:22 PM IST
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यूपी के उन्नाव जिले में 10 साल पहले विकासखंड नवाबगंज में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) योजना से कराए गए 21 कार्यों में लाखों का घोटाला सामने आने के बाद दो पूर्व ब्लाक प्रमुख समेत 17 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत की ओर दर्ज कराए गए मुकदमे में तत्कालीन बीडीओ, एडीओ पंचायत, सचिव, जेई, टीए और कई फर्मों के संचालक शामिल हैं।
जिला पंचायत सदस्य योगेश यादव उर्फ टिंकू ने शिकायत की थी कि ब्लाक नवाबगंज में कई काम कागजों पर कराकर पैसा निकाल लिया गया। इस पर पूर्व में एक टीम गठित कर जांच कराई गई थी। जांच में पता चला था कि वित्तीय वर्ष 2009-10 व 2010-11 में नवाबगंज ब्लाक में बीआरजीएफ योजना के जरिए 21 काम स्वीकृत हुए थे। डीएम की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम में शामिल एसडीएम हसनगंज, डीडीओ और एक्सईएन आरईएस ने कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया था। कुल 21 कार्यों में से 10 कागजों पर मिले थे।
वहीं 11 कार्य अन्य स्थानों पर मिले। 20 लाख रुपये से अधिक का घपला सामने आने के बाद पूर्व सीडीओ टीके शिबु ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह को तत्कालीन ब्लाक प्रमुख समेत अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। बीच में दो आरोपियों के नाम छूटने से मुकदमा दर्ज कराने में समय लगा। गुरुवार को अपर मुख्य अधिकारी ने अजगैन थाने में मामले से संबंधित तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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इन पर हुई एफआईआर
तत्कालीन ब्लाक प्रमुख मनोज कुमार पुत्र शिवशंकर, तत्कालीन प्रमुख माया देवी पत्नी अवधेश प्रताप सिंह, तत्कालीन बीडीओ वीरेंद्र सिंह, कार्यप्रभारी (एडीओ पंचायत) अविनाश कुमार, सचिव परशुराम वर्मा, सचिव श्रीपाल रावत, सचिव दिलीप मिश्रा, तत्कालीन तकनीकी अधिकारी जेई पीएन सिंह, जेई लघु सिंचाई धर्मपाल गुप्ता, लक्ष्मीचंद्र, लेखाकार धर्मेंद्र सिंह, बाबा ब्रिक्स व सूर्या ट्रेडर्स के प्रोपाइटर धीरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र अवधेश प्रताप सिंह व पार्टनर दुर्गेश प्रताप सिंह पुत्र हौसला सिंह, मेसर्स सुपर ब्रिक फील्ड मकदूमपुर (मेसर्स सुपर ट्रेडर्स गौरा कठेरवा), किसान ब्रिक फील्ड बंथरा के प्रोपराइटर एके सिंह, तत्कालीन अवर अभियंता आरईएस व रमाकांत पांडेय तत्कालीन सचिव पर एफआईआर हुई है।
कार्ययोजना के अनुसार मौके पर नहीं मिले कार्य
1-जैतीपुर मार्ग से चंदाना के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
2-गौरी देवरा मार्ग से रामप्यारी के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
3-कौरारा मार्ग से सरजूपाल के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
4-कुंजनपुर राजमार्ग से रामकुमार के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
5-विरसिंधी मलेथा संपर्क मार्ग से लाखन के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
6-बहाउद्दीनपुर में शारदा बेगम के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
7-सरेसा मार्ग से सूरजपाल के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
8-बिचपरी मार्ग से शिवकुमार मुन्ना के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
9-जगदीशपुर मार्ग से प्रतापभान के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
10-अजगैन मार्ग से रामकिशोर के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
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जिला पंचायत सदस्य योगेश यादव उर्फ टिंकू ने शिकायत की थी कि ब्लाक नवाबगंज में कई काम कागजों पर कराकर पैसा निकाल लिया गया। इस पर पूर्व में एक टीम गठित कर जांच कराई गई थी। जांच में पता चला था कि वित्तीय वर्ष 2009-10 व 2010-11 में नवाबगंज ब्लाक में बीआरजीएफ योजना के जरिए 21 काम स्वीकृत हुए थे। डीएम की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम में शामिल एसडीएम हसनगंज, डीडीओ और एक्सईएन आरईएस ने कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया था। कुल 21 कार्यों में से 10 कागजों पर मिले थे।
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वहीं 11 कार्य अन्य स्थानों पर मिले। 20 लाख रुपये से अधिक का घपला सामने आने के बाद पूर्व सीडीओ टीके शिबु ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह को तत्कालीन ब्लाक प्रमुख समेत अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। बीच में दो आरोपियों के नाम छूटने से मुकदमा दर्ज कराने में समय लगा। गुरुवार को अपर मुख्य अधिकारी ने अजगैन थाने में मामले से संबंधित तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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इन पर हुई एफआईआर
तत्कालीन ब्लाक प्रमुख मनोज कुमार पुत्र शिवशंकर, तत्कालीन प्रमुख माया देवी पत्नी अवधेश प्रताप सिंह, तत्कालीन बीडीओ वीरेंद्र सिंह, कार्यप्रभारी (एडीओ पंचायत) अविनाश कुमार, सचिव परशुराम वर्मा, सचिव श्रीपाल रावत, सचिव दिलीप मिश्रा, तत्कालीन तकनीकी अधिकारी जेई पीएन सिंह, जेई लघु सिंचाई धर्मपाल गुप्ता, लक्ष्मीचंद्र, लेखाकार धर्मेंद्र सिंह, बाबा ब्रिक्स व सूर्या ट्रेडर्स के प्रोपाइटर धीरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र अवधेश प्रताप सिंह व पार्टनर दुर्गेश प्रताप सिंह पुत्र हौसला सिंह, मेसर्स सुपर ब्रिक फील्ड मकदूमपुर (मेसर्स सुपर ट्रेडर्स गौरा कठेरवा), किसान ब्रिक फील्ड बंथरा के प्रोपराइटर एके सिंह, तत्कालीन अवर अभियंता आरईएस व रमाकांत पांडेय तत्कालीन सचिव पर एफआईआर हुई है।
कार्ययोजना के अनुसार मौके पर नहीं मिले कार्य
1-जैतीपुर मार्ग से चंदाना के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
2-गौरी देवरा मार्ग से रामप्यारी के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
3-कौरारा मार्ग से सरजूपाल के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
4-कुंजनपुर राजमार्ग से रामकुमार के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
5-विरसिंधी मलेथा संपर्क मार्ग से लाखन के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य।
6-बहाउद्दीनपुर में शारदा बेगम के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
7-सरेसा मार्ग से सूरजपाल के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
8-बिचपरी मार्ग से शिवकुमार मुन्ना के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
9-जगदीशपुर मार्ग से प्रतापभान के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।
10-अजगैन मार्ग से रामकिशोर के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग कार्य।