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आग और धुएं में घुट गईं सात की सांसें
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उन्नाव के बांगरमऊ के नसिरापुर गांव के पास ट्रक में टकराने के बाद जलती वैन व ट्रक।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। वैन के ट्रक से टकराने के बाद का भयावह नजारा देख लोग सिहर उठे। आग से घिरी वैन के भीतर सात लोग जिंदगी के लिए छटपटाते रह गए। गैस सिलिंडर से संचालित वैन में आग इस तेजी से फैली कि किसी को बचाव का मौका नहीं मिला। मदद की नीयत से दौड़े आसपास के लोगों के कदम आग की लपटों ने रोक दिए। आग इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा भी लपटों में घिर गया।
तेज टक्कर से हुए धमाके ने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान हादसे की तरफ खींचा। मदद की नीयत से कई लोग उधर दौड़े। नसिरापुर गांव के लोगों ने बताया कि उनके नजदीक आने तक आग बुरी तरह फैल चुकी थी। वैन के भीतर लोग छटपटाते नजर आ रहे थे लेकिन बचाव का कोई रास्ता नहीं था। बीच-बीच में वैन से पटाखे छूटने जैसी आवाजें और डरा रही थीं। वैन का अगला हिस्सा ट्रक में घुसा होने से भी तत्काल बचाव संभव नहीं था। यही वजह रही कि वैन चालक भी खुद को बाहर नहीं निकाल सका। आग की लपटों और धुएं में घिरकर देखते-देखते सात जिंदगियां मौत की नींद सो गईं।
भयावह नजारा देख शुरुआत में कुछ समय पुलिस के भी कदम ठिठके रहे। क्रेन का जल्दी बंदोबस्त हो जाने से वैन को क्रेन से खींचकर ट्रक से दूर किया गया। इस बीच पहुंचीं दमकल की दो गाड़ियों ने बमुश्किल आग बुझाई। तब तक सभी के शरीर राख जैसी हालत में पहुंच चुके थे।
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इस बीच उन्नाव-हरदोई मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। अफरा तफरी मची रही। करीब दो घंटे बाद शव निकाले जाने के बाद यातायात सामान्य हो पाया।
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तेज टक्कर से हुए धमाके ने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान हादसे की तरफ खींचा। मदद की नीयत से कई लोग उधर दौड़े। नसिरापुर गांव के लोगों ने बताया कि उनके नजदीक आने तक आग बुरी तरह फैल चुकी थी। वैन के भीतर लोग छटपटाते नजर आ रहे थे लेकिन बचाव का कोई रास्ता नहीं था। बीच-बीच में वैन से पटाखे छूटने जैसी आवाजें और डरा रही थीं। वैन का अगला हिस्सा ट्रक में घुसा होने से भी तत्काल बचाव संभव नहीं था। यही वजह रही कि वैन चालक भी खुद को बाहर नहीं निकाल सका। आग की लपटों और धुएं में घिरकर देखते-देखते सात जिंदगियां मौत की नींद सो गईं।
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भयावह नजारा देख शुरुआत में कुछ समय पुलिस के भी कदम ठिठके रहे। क्रेन का जल्दी बंदोबस्त हो जाने से वैन को क्रेन से खींचकर ट्रक से दूर किया गया। इस बीच पहुंचीं दमकल की दो गाड़ियों ने बमुश्किल आग बुझाई। तब तक सभी के शरीर राख जैसी हालत में पहुंच चुके थे।
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इस बीच उन्नाव-हरदोई मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। अफरा तफरी मची रही। करीब दो घंटे बाद शव निकाले जाने के बाद यातायात सामान्य हो पाया।