'भैया तेरे बिना नहीं जीना': बड़े भाई का शव देख छोटा कुएं में कूदा, लोगों ने बचाया तो फंदा लगाने का किया प्रयास
भाई के खुदकुशी कर लेने की जानकारी पर उसका छोटा भाई श्रीकांत (28) भी मौके पर पहुंचा। भाई का शव देखकर उसने पास ही स्थित कुएं में छलांग लगा दी।
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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पिहानी कोतवाली क्षेत्र के कुल्लही गांव में फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वाले युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। जानकारी पर घर पहुंचे छोटे भाई ने शव देखा, तो पास ही स्थित कुएं में छलांग लगा दी। किसी तरह ग्रामीणों ने मशक्कत कर उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसने फिर फंदा लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश, लेकिन गांव वालों ने उसे बचा लिया।
कुल्लही निवासी रिषीकांत वाजपेयी (32) फेरी लगाकर कपड़े बेचता था। पत्नी प्रीती के मुताबिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और कुछ कर्ज भी हो गया था। इसके कारण रिषीकांत परेशान रहते थे। शनिवार को पत्नी प्रीती पिहानी गई हुई थी। घर के अन्य लोग भी बाहर गए थे।
इसी दौरान दोपहर में किसी समय रिषीकांत ने गमछे के फंदे से कोठरी में पड़ी धन्नी के कुंडे से लटककर खुदकुशी कर ली। घर वापस पहुंचने पर घटना का पता चला। रिषीकांत के खुदकुशी कर लेने की जानकारी पर उसका छोटा भाई श्रीकांत (28) भी मौके पर पहुंचा। भाई का शव देखकर उसने पास ही स्थित कुएं में छलांग लगा दी।
ग्रामीणों ने मशक्कत कर उसे बाहर निकाला। इसके बाद फिर उसने खुद को कमरे में बंद कर फंदा लगाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने जबरन दरवाजा खुलवाकर उसे बचाया, तब से उसे निगरानी में रखा जा रहा है। कोतवाल सुनील दुबे ने बताया कि पंचनामा भरकर रिषीकांत का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। खुदकुशी का मामला है।