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कानपुर देहात: मोबाइल टावर के बाहर सुरक्षा गार्ड ने फांसी लगाई, 10 दिन पहले सड़क हादसे में हुई थी मां की मौत
Fri, 04 Sep 2020 09:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 04 Sep 2020 09:44 PM IST
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युवक की फाइल फोटो व मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात में राजपुर के जल्लापुर सिकंदरा गांव निवासी सुरक्षा गार्ड ने निजी मोबाइल कंपनी के टावर के बाहर रस्सी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
बताया कि 25 अगस्त को दीप सिंह की मां रूपरानी की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से वह सदमे में था। राजपुर थाना क्षेत्र के जल्लापुर सिकंदरा गांव निवासी दीप सिंह पाल उर्फ सांइकी (25) गांव के समीप मुगल रोड पर बने निजी मोबाइल कंपनी के टावर में बतौर प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात था।
शुक्रवार सुबह दीप सिंह पाल का शव टावर के बाहर लोहे के पाइप से नायलोन की रस्सी के सहारे फांसी पर लटकता मिला। जानकारी के बाद घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मृतक के बड़े भाई विनय सिंह पाल ने पुलिस को बताया कि भाई ने बताया कि मां की मौत के बाद से वह गुमसुम रहने लगा था। खाना पीना छोड़ दिया था। मां के अंतिम संस्कार वाले स्थान पर घंटों बैठकर बिलखता रहता था।
बताया कि उसका छोटा भाई दीप सिंह खेतों से मवेशी के लिए चारा लाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी समय तक वापस न लौटने पर तलाश की गई। बाद में उसका शव टावर के बाहर फांसी पर लटके होने की सूचना मिली। थानाध्यक्ष रामप्रकाश ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सेना में जाने की कर रहा था तैयारी
जल्लापुर गांव के युवक दीपू सिंह पाल का शव फांसी पर लटका मिला। युवक की मौत की चर्चा पूरे दिन गांव में होती रही। मृतक के पिता उदय सिंह पाल मजदूरी करते हैं। दीप सिंह पढ़ने में अच्छा था। बीएससी करने के बाद वह सेना में जाना चाहता था। इस लिए वह प्राइवेट नौकरी के साथ तैयारी भी कर रहा था।
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बताया कि 25 अगस्त को दीप सिंह की मां रूपरानी की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से वह सदमे में था। राजपुर थाना क्षेत्र के जल्लापुर सिकंदरा गांव निवासी दीप सिंह पाल उर्फ सांइकी (25) गांव के समीप मुगल रोड पर बने निजी मोबाइल कंपनी के टावर में बतौर प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात था।
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शुक्रवार सुबह दीप सिंह पाल का शव टावर के बाहर लोहे के पाइप से नायलोन की रस्सी के सहारे फांसी पर लटकता मिला। जानकारी के बाद घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मृतक के बड़े भाई विनय सिंह पाल ने पुलिस को बताया कि भाई ने बताया कि मां की मौत के बाद से वह गुमसुम रहने लगा था। खाना पीना छोड़ दिया था। मां के अंतिम संस्कार वाले स्थान पर घंटों बैठकर बिलखता रहता था।
बताया कि उसका छोटा भाई दीप सिंह खेतों से मवेशी के लिए चारा लाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी समय तक वापस न लौटने पर तलाश की गई। बाद में उसका शव टावर के बाहर फांसी पर लटके होने की सूचना मिली। थानाध्यक्ष रामप्रकाश ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सेना में जाने की कर रहा था तैयारी
जल्लापुर गांव के युवक दीपू सिंह पाल का शव फांसी पर लटका मिला। युवक की मौत की चर्चा पूरे दिन गांव में होती रही। मृतक के पिता उदय सिंह पाल मजदूरी करते हैं। दीप सिंह पढ़ने में अच्छा था। बीएससी करने के बाद वह सेना में जाना चाहता था। इस लिए वह प्राइवेट नौकरी के साथ तैयारी भी कर रहा था।