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'जानवर छोड़े तो जेल'...इस शहर में लागू है धारा 144, इन बातों को भी मत भूलना
Thu, 10 Jan 2019 09:00 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 10 Jan 2019 09:00 AM IST
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सड़क पर घूमते आवारा जानवर( फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पालतू जानवर छोड़ने पर कानपुर जिले में पहली बार एडीएम फाइनेंस संजय चौहान ने धारा 144 लगाई है जो 28 फरवरी तक लागू रहेगी। जानवरों से पीड़ित कोई व्यक्ति अगर उसके मालिक का नाम बताकर थाने में शिकायत करेगा तो कार्रवाई की जाएगी। पालतू जानवर पकड़े जाने पर भी पालक के खिलाफ 144 लगेगी। पुलिस और प्रशासन भी आवारा जानवरों के मालिकों की जानकारी कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते है। जानवरों के कारण किसी दुर्घटना में मौत होने पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एडीएम फाइनेंस ने सदर, घाटमपुर, नर्वल, बिल्हौर चारों तहसीलों में जानवर छोड़ने पर धारा 144 लगाई है। आदेश में कहा है कि जानवरों को छोड़ने के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है। दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। जानवरों को बेसहारा छोड़ना पशु क्रूरता में आता है। इसलिए अब कोई भी मालिक अपने जानवरों नहीं छोड़ेगा।
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एडीएम फाइनेंस ने सदर, घाटमपुर, नर्वल, बिल्हौर चारों तहसीलों में जानवर छोड़ने पर धारा 144 लगाई है। आदेश में कहा है कि जानवरों को छोड़ने के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है। दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। जानवरों को बेसहारा छोड़ना पशु क्रूरता में आता है। इसलिए अब कोई भी मालिक अपने जानवरों नहीं छोड़ेगा।
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कोई भी व्यक्ति जानवरों की घटनाओं को लेकर उत्तेजक नारेबाजी या भाषणबाजी नहीं करेगा
कोई भी व्यक्ति जानवरों की घटनाओं को लेकर क्षेत्र में उत्तेजक नारेबाजी या भाषणबाजी नहीं करेगा, अफवाह नहीं फैलाएगा। जानवरों से संबंधित घटनाओं के कारण सार्वजनिक रास्ते में अवरोध (जाम) पैदा नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति जानवरों को जबरन सामुदायिक भवनों, स्कूलों, सरकारी भवन में बंद नहीं करेगा।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि धारा 144 का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा 188 में दंडनीय होता है। इसमें छह माह तक की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना लगता है। धारा 144 का उल्लंघन होने पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी करती है, लेकिन यह अपराध जमानतीय है। किसी व्यक्ति पर एक बार धारा 144 उल्लंघन का आरोप लग जाता है तो क्षेत्र में जब भी शांति भंग का अंदेशा होगा तब-तब पुलिस उसे पाबंद करती रहेगी। पाबंद करने पर संबंधित एसीएम कोर्ट से जमानत करानी होती है।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि धारा 144 का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा 188 में दंडनीय होता है। इसमें छह माह तक की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना लगता है। धारा 144 का उल्लंघन होने पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी करती है, लेकिन यह अपराध जमानतीय है। किसी व्यक्ति पर एक बार धारा 144 उल्लंघन का आरोप लग जाता है तो क्षेत्र में जब भी शांति भंग का अंदेशा होगा तब-तब पुलिस उसे पाबंद करती रहेगी। पाबंद करने पर संबंधित एसीएम कोर्ट से जमानत करानी होती है।