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Kanpur: क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर स्कूल संचालक से 59 लाख की साइबर ठगी
Tue, 14 Jan 2025 11:22 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:22 PM IST
सार
Kanpur News: स्कूल संचालक से 59 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने क्रेडिट कार्ड सत्यापन के नाम पर ओटीपी लिया और फोन हैक कर रकम ट्रांसफर की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर ठगों ने काकादेव स्थित स्कूल के संचालक से क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर 58.85 लाख रुपये की ठगी कर ली। स्कूल संचालक ने बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराकर काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अब साइबर थाना पुलिस के साथ मिलकर ठगी करने वालाें को तलाश रही है।
गीतानगर स्थित साक्षी धाम अपार्टमेंट निवासी देवेंद्र कुमार कनौजिया का शारदानगर में सरदार पटेल पब्लिक स्कूल है। देवेंद्र ने बताया कि पिछले साल 1 दिसंबर को सुबह 10 बजे के करीब क्रेडिट कार्ड सत्यापन के लिए कॉल आया। बात करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताते हुए क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के लिए संबंधित जानकारी मांगी। कहा कि अगर अभी अपडेट नहीं किया तो कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। इसके बाद साइबर ठगों ने एक एप डाउनलोड कराया और फोन हैक कर आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 89,872 रुपए ट्रांसफर कर लिए। जब तक कार्ड ब्लॉक करवाते तब तक ठगों ने एक्सिस बैंक और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से दो बार में रुपये ट्रांसफर कर लिए। फिर एक्सिस बैंक के चालू खाते से 50 लाख 590 रुपये, स्कूल के आईसीआई बैंक की शास्त्रीनगर शाखा के खाते से भी 95 हजार और 7 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। अंत में ठगों ने फोन भी रिसेट कर दिया जिससे वह फौरन कोई कार्रवाई नहीं कर सके। काकादेव थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि संचालक की तहरीर पर ठगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले का खुलासा करने के लिए साइबर थान पुलिस की मदद ली जा रही है।
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गीतानगर स्थित साक्षी धाम अपार्टमेंट निवासी देवेंद्र कुमार कनौजिया का शारदानगर में सरदार पटेल पब्लिक स्कूल है। देवेंद्र ने बताया कि पिछले साल 1 दिसंबर को सुबह 10 बजे के करीब क्रेडिट कार्ड सत्यापन के लिए कॉल आया। बात करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताते हुए क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के लिए संबंधित जानकारी मांगी। कहा कि अगर अभी अपडेट नहीं किया तो कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। इसके बाद साइबर ठगों ने एक एप डाउनलोड कराया और फोन हैक कर आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 89,872 रुपए ट्रांसफर कर लिए। जब तक कार्ड ब्लॉक करवाते तब तक ठगों ने एक्सिस बैंक और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से दो बार में रुपये ट्रांसफर कर लिए। फिर एक्सिस बैंक के चालू खाते से 50 लाख 590 रुपये, स्कूल के आईसीआई बैंक की शास्त्रीनगर शाखा के खाते से भी 95 हजार और 7 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। अंत में ठगों ने फोन भी रिसेट कर दिया जिससे वह फौरन कोई कार्रवाई नहीं कर सके। काकादेव थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि संचालक की तहरीर पर ठगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले का खुलासा करने के लिए साइबर थान पुलिस की मदद ली जा रही है।
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यहां करें शिकायत
किसी भी साइबर अपराध की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें। साथ ही स्थानीय थाने या स्थानीय साइबर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
किसी भी साइबर अपराध की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें। साथ ही स्थानीय थाने या स्थानीय साइबर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
साइबर ठगों से ऐसे बचें
- ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर पैसा कमाने का भरोसा दिलाने वाले संदेशों और चैनलों से सतर्क रहें।
- किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल या पासवर्ड, सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताता है और गिरफ्तारी या किसी तरह की बात करता है तो उसे नजरअंदाज करें।
- अगर कोई काॅल करके यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल विदेश से आया है, तो सतर्क हो जाएं। केवल कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
- अगर कोई रिश्तेदार या परिचित आर्थिक मदद मांग रहा है तो काल या वीडियो काल से उसकी सच्चाई की जांच करें।
- ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर पैसा कमाने का भरोसा दिलाने वाले संदेशों और चैनलों से सतर्क रहें।
- किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल या पासवर्ड, सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताता है और गिरफ्तारी या किसी तरह की बात करता है तो उसे नजरअंदाज करें।
- अगर कोई काॅल करके यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल विदेश से आया है, तो सतर्क हो जाएं। केवल कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
- अगर कोई रिश्तेदार या परिचित आर्थिक मदद मांग रहा है तो काल या वीडियो काल से उसकी सच्चाई की जांच करें।