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Kanpur News: एक माह से फाइलों में दबे अवैध ड्राइविंग स्कूल
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10 स्कूलों की पकड़ी गई थी अनियमितता
परिवहन उपायुक्त ने कार्रवाई के दिए थे निर्देश, फिर भी प्रवर्तन दल ने नहीं की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। परिवहन विभाग की छापेमारी में अवैध मोटर ड्राइविंग स्कूलों का मामला सामने आने के बावजूद अफसरों की कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। करीब एक माह पहले जांच में 10 मोटर ड्राइविंग स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गईं। इनमें एक स्कूल का लाइसेंस तीन साल पहले समाप्त हो चुका था, जबकि कई स्कूल स्वीकृत पते के बजाय दूसरे स्थानों से संचालित मिले थे। जिसपर उपायुक्त संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से आरटीओ प्रवर्तन को पत्र जारी कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रवर्तन दल की ओर से अब तक न तो स्कूलों का सत्यापन किया गया और न ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर कोई कार्रवाई की गई।
बीते एक माह पहले संभागीय निरीक्षक संतोष कुमार की जांच में नौबस्ता चौराहे पर संचालित हिंदुस्तान मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस करीब तीन वर्ष पहले ही समाप्त मिला था। इसके बावजूद स्कूल संचालित था। वंही हनुमंत मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस पशुपति नगर, नौबस्ता के पते पर मिला, जबकि संचालन किदवईनगर से किया जा रहा था। इसी तरह प्रकाश मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस नौबस्ता के पते पर था, लेकिन स्कूल गोशाला, किदवईनगर में संचालित मिला था। ऐसे करीब 10 स्कूल लाइसेंस में दर्ज पते से अलग स्थानों पर संचालित पाए गए थे। ज़ब की नियमानुसार ड्राइविंग स्कूल का लाइसेंस किसी निर्धारित परिसर और वहां उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं के आधार पर जारी किया जाता है। परिसर बदलने पर नियमानुसार निरीक्षण और अनुमति जरूरी है। इसके बावजूद बिना अनुमति स्थान बदलकर प्रशिक्षण देना नियमा का उल्लंघन है। यही नहीं ज्यादातर स्कूलों में निजी वाहनों का इस्तेमाल भी पाया गयाथा। अधिकारीयों को वाहनों को पकड़कर करवाई करनी थी लेकिन अफसर करवाई की जगह फाइल दबाकर बैठ गये।
वर्जन -
आरटीओ प्रवर्तन का
परिवहन उपायुक्त ने कार्रवाई के दिए थे निर्देश, फिर भी प्रवर्तन दल ने नहीं की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। परिवहन विभाग की छापेमारी में अवैध मोटर ड्राइविंग स्कूलों का मामला सामने आने के बावजूद अफसरों की कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। करीब एक माह पहले जांच में 10 मोटर ड्राइविंग स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गईं। इनमें एक स्कूल का लाइसेंस तीन साल पहले समाप्त हो चुका था, जबकि कई स्कूल स्वीकृत पते के बजाय दूसरे स्थानों से संचालित मिले थे। जिसपर उपायुक्त संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से आरटीओ प्रवर्तन को पत्र जारी कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रवर्तन दल की ओर से अब तक न तो स्कूलों का सत्यापन किया गया और न ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर कोई कार्रवाई की गई।
बीते एक माह पहले संभागीय निरीक्षक संतोष कुमार की जांच में नौबस्ता चौराहे पर संचालित हिंदुस्तान मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस करीब तीन वर्ष पहले ही समाप्त मिला था। इसके बावजूद स्कूल संचालित था। वंही हनुमंत मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस पशुपति नगर, नौबस्ता के पते पर मिला, जबकि संचालन किदवईनगर से किया जा रहा था। इसी तरह प्रकाश मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का लाइसेंस नौबस्ता के पते पर था, लेकिन स्कूल गोशाला, किदवईनगर में संचालित मिला था। ऐसे करीब 10 स्कूल लाइसेंस में दर्ज पते से अलग स्थानों पर संचालित पाए गए थे। ज़ब की नियमानुसार ड्राइविंग स्कूल का लाइसेंस किसी निर्धारित परिसर और वहां उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं के आधार पर जारी किया जाता है। परिसर बदलने पर नियमानुसार निरीक्षण और अनुमति जरूरी है। इसके बावजूद बिना अनुमति स्थान बदलकर प्रशिक्षण देना नियमा का उल्लंघन है। यही नहीं ज्यादातर स्कूलों में निजी वाहनों का इस्तेमाल भी पाया गयाथा। अधिकारीयों को वाहनों को पकड़कर करवाई करनी थी लेकिन अफसर करवाई की जगह फाइल दबाकर बैठ गये।
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वर्जन -
आरटीओ प्रवर्तन का