फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   scholarship fraud in etawah

'शिक्षा के 64 भगवान' और उनके कलंकित करने वाले कारनामे, जिसने भी सुने उसके होश उड़ गए

Sat, 02 Feb 2019 02:09 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 02 Feb 2019 02:09 PM IST
विज्ञापन
scholarship fraud in etawah
डेमो

विज्ञापन

शिक्षा क्षेत्र में गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है लेकिन इटावा जिले के 64 शिक्षकों ने कुछ ऐसे कारनामे किए हैं जिसे सुनने के बाद लोगों के होश फाख्ता हो गए हैं।  इनमें इटावा की तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी के पटल सहायक के नाम शामिल हैं। 

आर्थिक अपराध शाखा ने इटावा में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में शुक्रवार को 20 अधिकारियों, 64 प्रधानाचार्य व प्रबंधकों समेत 154 लोगों पर दो एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर वर्ष 2008-09 में इटावा में हुए 14.61 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपियों के खिलाफ की गई है।

विज्ञापन


 

scholarship fraud in etawah
डेमो
दरअसल, 2008-09 के दौरान देश के अलग अलग जिलों में कक्षा 1 से 10 तक के अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं की अलग-अलग स्कूलों में फर्जी संख्या दर्शा कर छात्रवृत्ति घोटाला किए जाने की बात सामने आई थी।

इस मामले में 6 मई 2010 को शासन ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को जांच सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच में पाया कि स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और अधिकारियों की मिली भगत से सरकारी धन का आपस में बंदरबांट कर लिया गया। जांच के दौरान सभी स्कूल संचालित पाए गए।

 

इस मामले में शुक्रवार को आर्थिक अपराध शाखा ने कानपुर सेक्टर थाने में दो एफआईआर दर्ज की। पहली एफआईआर में 14,03,28,474 रुपये के घोटाले का जिक्र है और इसमें 102 लोगों को आरोपी बनाया गया है जबकि दूसरी एफआईआर में 57,76,400 रुपये के घोटाले का जिक्र है और इसमें 52 लोगों को भ्रष्टाचार का आरोपी बनाया  गया है। 

एफआईआर में इटावा में तैनात रहे तत्कालीन जिन अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में नामजद किया गया है उसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी इंद्रा सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजीत सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी जेपी राजपूत, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी सियाराम दोहरे, मोहम्मद अल्ताफ, रेखा श्रीवास्तव, नाथू राम दोहरे, बीएन सिंह, ब्रहमपाल सिंह वर्मा, बीएल गोस्वामी, साधव सिंह, ओपी सिंह, राम अवतार शुक्ला, राम मूर्ति सिंह चौहान, नरेश कुमार वर्मा, कैलाश नाथ कन्नौजिया, ओपी त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पटल सहायक मोहम्मद उबैदुर्रहमान, नगर शिक्षा अधिकारी सरला वर्मा, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी को नामजद किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed