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सीताराम कुरील हत्याकांड में 10 साल से हाजिर नहीं हुआ सऊद अख्तर, इसलिए पिंटू और सऊद की हुई रंजिश

Thu, 03 Dec 2020 02:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 03 Dec 2020 02:16 PM IST
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Saud Akhtar did not appear in Sitaram Kuril murder case for 10 years, hence Pintu and Saud's rivalry
पिंटू सेंगर हत्याकांड - फोटो : amar ujala
कानपुर के जाजमऊ में दस वर्ष पहले हुए सीताराम कुरील हत्याकांड में भी सऊद अख्तर आरोपी था। घर की कुर्की तक हो गई लेकिन आज तक वो इस केस में जेल नहीं गया जबकि केस के अन्य नामजद आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। इसमें पुलिस की भी मेहरबानी रही। पिंटू सेंगर इस केस की फाइल को खुलवाने में लगे थे।
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इसलिए पिंटू सेंगर की हत्या की साजिश में सऊद अख्तर भी शामिल हुआ। पिंटू ने सीमाराम कुरील के परिजनों की पैरवी भी कर रहे थे। रंजिश की ये बड़ी वजह रही थी। जाजमऊ में 2010 में सीमाराम कुरील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वजह सिर्फ इतनी थी कि सीमाराम के कुत्ते ने शीबू व शेरू नाम के शख्स पर भौंका था। हत्याकांड में पुसिल ने शेरू, शीबू, रौशन लारी और सऊद अख्तर समेत अन्य कई पर केस दर्ज किया था।
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पिछले साल इस केस में कोर्ट ने हत्यारोपियों को उम्र कैद की सजा भी सुना दी। मगर सऊद अख्तर पर अब तक काई कार्रवाई नहीं की। पिंटू सेंगर हत्याकांड के पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने बताया कि  उस केस में सऊद के खिलाफ वारंट जारी हुआ था और कुर्की भी हुई थी। बाद में उसके खिलाफ चार्जशीट भी लगी। मगर उसमें वो जेल नहीं गया। न तो पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया था और न ही उसने सरेंडर किया था।
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हत्याकांड से लेकर आखिर तक सऊद पर कार्रवाई के लिए पिंटू सेंगर पैरवी में लगे थे। उसकी दबी फाइल खुलवाने की जद्दोजहद में थे। लिहाजा सऊद और पिंटू की रंजिश बढ़ती गई। वकील के मुताबिक पिंटू की हत्या में सऊ के शामिल होने की ये बड़ी वजह रही है। अब वो इस संबंध में पुलिस को प्रार्थना पत्र देंगे। जिससे ये फाइल खुले और कार्रवाई हो। 

कुर्की में भी कर दिया था खेल 
सीताराम कुरील हत्याकांड में शुरू में पुलिस की मिलीभगत का फायदा सऊद ने उठाया। उसकी गिरफ्तारी नहीं की। बचने का पूरा मौका दिया। एनबीडब्ल्यू लेने के बाद कुर्की का आदेश कराया। अधिवक्ता के मुताबिक एक ऐसे ही मकान व टूटा फुटा सामान कुर्क किया गया। उसके बाद केस की फाइल दबा दी गई। तब से सऊद पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

आखिर अब क्यों नहीं खोली ये फाइल 
सऊद अख्तर को पिंटू सेंगर हत्याकांड में पुलिस खूब अभयदान दिया। आखिर में जब पुलिस की करतूत की खबरें प्रकाशित हुईं तब उच्चाधिकारियों ने इसको संजडञान में लिया। जिसके बाद सऊद समेत अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की गई। फिर भी पुलिस सऊद पर शिकंजा नहीं कसना चाहती। यही वजह है कि पुराना केस अब भी नहीं खुलवाया है।
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