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Kanpur News: अलग बन रहा सरगांव बुजुर्ग नलकूप फीडर, मिलेगी निर्बाध बिजली
Wed, 19 Feb 2025 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:56 AM IST
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19 रूरा उपकेंद्र से जुड़े सरगांव फीडर के स्वतंत्र नलकूप फीडर के लिए भूमिगत केबल डालते श्रमिक।
- फोटो : संवाद
रूरा। नगर के उपकेंद्र से जुड़े सरगांव बुजुर्ग को अलग कर स्वतंत्र नलकूप फीडर बनाया जा रहा है। यह काम इसी सप्ताह पूरा होने की उम्मीद है। इससे लो वोल्टेज की दिक्कत दूर होगी। तीन सौ निजी नलकूपों को निर्बाध 10 घंटे बिजली मिलेगी। वहीं 2100 घरेलू और अन्य कनेक्शनों को शेड्यूल की 18 घंटे बिजली मुहैया हो सकेगी।
रूरा उपकेंद्र से जुड़े सरगांव बुजुर्ग फीडर पर घरेलू और व्यवसायिक कनेक्शनों के अलावा निजी नलकूपों का भी लोड था। गर्मी में बिजली मांग बढ़ने पर फॉल्टों की अधिकता से बिजली आपूर्ति बाधित होती थी। हालात ये होते थे कि घरेलू कनेक्शनों को शेड्यूल की 18 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही थी। वहीं, निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं से फसल सिंचाई को लेकर किसान परेशान होते थे। ऐसे में सरगांव बुजुर्ग नलकूप फीडर अलग करने को मंजूरी मिली।
कोलकाता की लुमिनो कंपनी को भूमिगत केबल डालने का काम दिया गया है। सोमवार को ठेकेदार ने उपकेंद्र से मल्लाहनपुरवा बंबा पटरी तक जेसीबी से खोदाई कर केबल बिछाई। इसके बाद मंगलवार को मल्लाहनपुरवा की ओर डबल पोल तक केबल बिछाई गई। वहां नलकूप लाइन से केबल को जोड़ा जाएगा। उपकेंद्र में वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) लग गया है। केबल बिछाने का काम पूरा होने पर केबल जोड़ी जाएगी। यह काम इसी माह पूरा होने की उम्मीद है।
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नलकूप फीडर अलग बनने से लोड अधिक होने से लो वोल्टेज की हो रही दिक्कत भी दूर होगी। संस्था के सुपरवाइजर मोहम्मद अतील सिद्दीकी ने बताया कि लगभग 25 लाख रुपये की लागत से रूरा उपकेंद्र से मल्लाहनपुरवा बंबा तक भूमिगत 11 केवी केबल डाली जा रही है। उपकेंद्र के जेई नीतिल उपाध्याय ने बताया कि सरगांव बुजुर्ग ग्रामीण फीडर से ही नलकूप संचालित थे। लो वोल्टेज से नलकूप की मोटर नहीं चलने की समस्या आती थी। अलग फीडर बनने से यह दिक्कत दूर होगी।
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रूरा उपकेंद्र से जुड़े सरगांव बुजुर्ग फीडर पर घरेलू और व्यवसायिक कनेक्शनों के अलावा निजी नलकूपों का भी लोड था। गर्मी में बिजली मांग बढ़ने पर फॉल्टों की अधिकता से बिजली आपूर्ति बाधित होती थी। हालात ये होते थे कि घरेलू कनेक्शनों को शेड्यूल की 18 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही थी। वहीं, निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं से फसल सिंचाई को लेकर किसान परेशान होते थे। ऐसे में सरगांव बुजुर्ग नलकूप फीडर अलग करने को मंजूरी मिली।
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कोलकाता की लुमिनो कंपनी को भूमिगत केबल डालने का काम दिया गया है। सोमवार को ठेकेदार ने उपकेंद्र से मल्लाहनपुरवा बंबा पटरी तक जेसीबी से खोदाई कर केबल बिछाई। इसके बाद मंगलवार को मल्लाहनपुरवा की ओर डबल पोल तक केबल बिछाई गई। वहां नलकूप लाइन से केबल को जोड़ा जाएगा। उपकेंद्र में वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) लग गया है। केबल बिछाने का काम पूरा होने पर केबल जोड़ी जाएगी। यह काम इसी माह पूरा होने की उम्मीद है।
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नलकूप फीडर अलग बनने से लोड अधिक होने से लो वोल्टेज की हो रही दिक्कत भी दूर होगी। संस्था के सुपरवाइजर मोहम्मद अतील सिद्दीकी ने बताया कि लगभग 25 लाख रुपये की लागत से रूरा उपकेंद्र से मल्लाहनपुरवा बंबा तक भूमिगत 11 केवी केबल डाली जा रही है। उपकेंद्र के जेई नीतिल उपाध्याय ने बताया कि सरगांव बुजुर्ग ग्रामीण फीडर से ही नलकूप संचालित थे। लो वोल्टेज से नलकूप की मोटर नहीं चलने की समस्या आती थी। अलग फीडर बनने से यह दिक्कत दूर होगी।