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संजीत अपहरण कांड: बेटे को देखे 27 दिन बीते, मां की हालत बिगड़ी
Sun, 19 Jul 2020 11:42 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 19 Jul 2020 11:42 PM IST
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लैब टेक्नीशियन का अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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संजीत यादव अपहरण कांड में 27 दिनों के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बेटे के लिए परेशान मां की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। बर्रा इंस्पेक्टर हरमीत सिंह ने घर पहुंचकर उन्हें जल्द से जल्द संजीत का पता लगाने का आश्वासन दिया।
बर्रा पांच निवासी संजीत का 22 जून की शाम को अपहरण हो गया था। 13 जुलाई की रात गुजैनी फ्लाईओवर के नीचे से बदमाश फिरौती की रकम (30 लाख) से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। संजीत का पता न चलने से परेशान मां कुसुमा देवी व पिता चमन सिंह की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
रविवार को अचानक उसकी मां बेहोश हो गईं। होश में आने पर उन्होंने सबसे पहले यही पूछा कि बेटा कब आएगा। इधर पिता की भी मानसिक हालत ठीक नहीं है। घर में कई दिनों से चूल्हा नहीं जला है। रिश्तेदार खाना पहुंचा रहे हैं। फोन की घंटी बजते ही दंपति को लगता है कि बेटे का पता चल गया है।
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भांजे हरीश ने बताया कि मामा-मामी ने 22 तारीक के बाद से ठीक से खाना नहीं खाया है। दोनों को उम्मीद है कि जल्द ही संजीत मिल जाएगा। इधर संजीत के घर पहुंचकर एमएलसी कल्लू यादव उर्फ दिलीप ने परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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बर्रा पांच निवासी संजीत का 22 जून की शाम को अपहरण हो गया था। 13 जुलाई की रात गुजैनी फ्लाईओवर के नीचे से बदमाश फिरौती की रकम (30 लाख) से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। संजीत का पता न चलने से परेशान मां कुसुमा देवी व पिता चमन सिंह की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
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रविवार को अचानक उसकी मां बेहोश हो गईं। होश में आने पर उन्होंने सबसे पहले यही पूछा कि बेटा कब आएगा। इधर पिता की भी मानसिक हालत ठीक नहीं है। घर में कई दिनों से चूल्हा नहीं जला है। रिश्तेदार खाना पहुंचा रहे हैं। फोन की घंटी बजते ही दंपति को लगता है कि बेटे का पता चल गया है।
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भांजे हरीश ने बताया कि मामा-मामी ने 22 तारीक के बाद से ठीक से खाना नहीं खाया है। दोनों को उम्मीद है कि जल्द ही संजीत मिल जाएगा। इधर संजीत के घर पहुंचकर एमएलसी कल्लू यादव उर्फ दिलीप ने परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।