RSS: लोकसभा चुनाव से पहले पांच हजार बैठकें करेगा संघ, कानपुर प्रांत से हुई शुरुआत, जानिए क्या है पूरा प्लान
Kanpur News: संघ ने भाजपा के पक्ष में बने माहौल को वोट में बदलने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए संघ पांच हजार से अधिक बैठकें करेगा, जिसका शुरुआत कानपुर प्रांत से हुई है। यही नहीं, पदाधिकारी और स्वयंसेवक त्योहारों में लोगों से घर-घर जाकर मिलेंगे।
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लोकसभा चुनाव में इस बार भाजपा के पक्ष में दिख रहे माहौल को वोट में तब्दील करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बीड़ा उठाया है। इसके लिए संघ की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले तक निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन को पूरा करते हुए पांच हजार से अधिक बैठकें करने का फैसला लिया है।
इतना ही नहीं यह भी यह भी फैसला लिया गया है कि इस बार होली के पहले से लेकर उसके बाद तक पिछली बार से कई गुना अधिक होली मिलने समारोह का आयोजन किया जाएगा। इनमें संघ के पदाधिकारी स्वयं शामिल होंगे। मंगलवार को इस संबंध में संघ की कानपुर प्रांत इकाई के 21 जिलों के पदाधिकारियों की एक बैठक यशोदानगर स्थित एक लॉन में हुई।
इसमें 300 से अधिक पदाधिकारी जो संघ के विभिन्न आयामों से आते हैं, बुलाए गए थे। बैठक को पूरी तरह प्रचार-प्रसार से दूर, मिशन की तैयारी के रूप में आयोजित किया गया था। इसमें उन लोगों को बुलाया गया था, जो यहां से दी गई सीख और बताई गई रणनीति के आधार पर लोगों के बीच जाएंगे।
सकारात्मक तरीके से लोगों के बीच रखेंगे मुद्दे
बैठक का एक एजेंडा यह भी रहा कि किसी भी मुद्दे को सकारात्मक तरीके से लोगों के बीच रखना है। राष्ट्रवाद, संस्कृति और सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों को बहुत ही समझदारी और सलीके से लोगों को बताने की जिम्मेदारी भी बैठक में आए हुए प्रमुख स्वयं सेवकों को दी गई।
चुनाव के लिए बनाई है अपनी गाइड लाइन
इस बैठक को संबोधित करने के लिए दिल्ली और क्षेत्र से भी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी यहां आए थे। बताया जा रहा है कि भाजपा से अलग संघ ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी गाइड लाइन बनाई है। सभी से यह भी कहा गया है कि अब सब लोग चुनावी मोड में आ जाए। क्योंकि चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है।
दूसरे त्योहार भी लोगों के साथ मिलकर मनाने पर जोर
शहरों के साथ ही कस्बों के अलावा नजदीक और सुदूर के गांवों में भी एक जैसी योजना के तहत काम किया जाएगा। होली के अलावा इस बीच पड़ने वाले दूसरे त्योहार भी लोगों के साथ मिलकर मनाने पर बैठक में जोर दिया गया। प्रांत के अलावा जिला स्तर पर भी इस तरह की बैठकें की जाएंगी, जिसमें सभी को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।