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ग्रीनपार्क की बाक्सिंग कोच बनेगी रुक्सार
अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 05 Sep 2015 02:04 AM IST
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तंगहाली के कारण बाक्सिंग छोड़कर पतंग बनाने को मजबूर ‘शहर की मैरीकॉम’ रुक्सार बानो को ग्रीनपार्क का अस्थायी बाक्सिंग कोच बनाया जाएगा। ‘अमर उजाला’ की मुहिम के बाद शुक्रवार को एडीएम सिटी अविनाश सिंह और ग्रीनपार्क की क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी (आरएसओ) उषा लाल ने बैठक कर यह फैसला किया।
अफसरों ने कहा कि रुक्सार को प्रतिमाह मानदेय भी मिलेगा। बाद में स्थायी पद आया तो उसमें नियुक्ति दिलाने की कोशिश होगी। दूसरी तरफ रुक्सार की मदद के लिए लगातार लोग आगे आ रहे हैं।
10 नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप और 12 स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर कई गोल्ड सहित ढेरों पदक जीत चुकी मछरिया मोहल्ले की रुक्सार बानो (19) को समाजवादी लोहियावाहिनी के जिलाध्यक्ष विनय गुप्ता एडीएम सिटी के पास ले गए और मदद की मांग की।
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साथ ही कहा कि 11 सितंबर को शहर आ रहे मुख्यमंत्री से रुक्सार को मिलवाने की व्यवस्था की जाए। इस पर एडीएम सिटी ने भरोसा दिया। एडीएम सिटी ने कहा फिलहाल रुक्सार को अस्थायी कोच बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी भी शासन से मदद दिलाने को प्रयासरत हैं।
चिंटल्स स्कूल की कक्षा सात की छात्रा प्रेरणा त्रिपाठी ने अपनी गुल्लक तोड़कर रुक्सार की सहायता की। पिता श्याम किशोर, मां पूनम, दादा प्रकाश चंद्र, दादी उमा के साथ रुक्सार के घर पहुंची प्रेरणा का कहना था कि ‘अमर उजाला’ ने दिल को छूने वाला मुद्दा उठाया है।
मुझसे किसी ने कहा नहीं, मैं खुद अपने मन से मदद करने आ गई। मुझे बड़े होकर इंजीनियर बनना है लेकिन रुक्सार दीदी को इंटरनेशनल प्लेयर बनते देखना चाहती हूं। वहीं यूथ फ्रंट के संरक्षक अजय प्रताप सिंह ने रुक्सार के घर जाकर 5100 रुपये की आर्थिक सहायता दी है।
राजू यादव ने 1100 रुपये दिए। इस मौके पर उमेश शुक्ला, अंकित शुक्ला, अजित विश्वकर्मा, मोमिन आलम, प्रश्रांत पांडेय और आलोक सिंह मौजूद रहे। नगर निगम के एक अधिकारी ने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी लेकिन अपने नाम का खुलासा नहीं किया। अमेरिका में बसे हितेश तोमर ने 12 महीने तक रुक्सार को प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने की घोषणा की।
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अफसरों ने कहा कि रुक्सार को प्रतिमाह मानदेय भी मिलेगा। बाद में स्थायी पद आया तो उसमें नियुक्ति दिलाने की कोशिश होगी। दूसरी तरफ रुक्सार की मदद के लिए लगातार लोग आगे आ रहे हैं।
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10 नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप और 12 स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर कई गोल्ड सहित ढेरों पदक जीत चुकी मछरिया मोहल्ले की रुक्सार बानो (19) को समाजवादी लोहियावाहिनी के जिलाध्यक्ष विनय गुप्ता एडीएम सिटी के पास ले गए और मदद की मांग की।
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साथ ही कहा कि 11 सितंबर को शहर आ रहे मुख्यमंत्री से रुक्सार को मिलवाने की व्यवस्था की जाए। इस पर एडीएम सिटी ने भरोसा दिया। एडीएम सिटी ने कहा फिलहाल रुक्सार को अस्थायी कोच बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी भी शासन से मदद दिलाने को प्रयासरत हैं।
चिंटल्स स्कूल की कक्षा सात की छात्रा प्रेरणा त्रिपाठी ने अपनी गुल्लक तोड़कर रुक्सार की सहायता की। पिता श्याम किशोर, मां पूनम, दादा प्रकाश चंद्र, दादी उमा के साथ रुक्सार के घर पहुंची प्रेरणा का कहना था कि ‘अमर उजाला’ ने दिल को छूने वाला मुद्दा उठाया है।
मुझसे किसी ने कहा नहीं, मैं खुद अपने मन से मदद करने आ गई। मुझे बड़े होकर इंजीनियर बनना है लेकिन रुक्सार दीदी को इंटरनेशनल प्लेयर बनते देखना चाहती हूं। वहीं यूथ फ्रंट के संरक्षक अजय प्रताप सिंह ने रुक्सार के घर जाकर 5100 रुपये की आर्थिक सहायता दी है।
राजू यादव ने 1100 रुपये दिए। इस मौके पर उमेश शुक्ला, अंकित शुक्ला, अजित विश्वकर्मा, मोमिन आलम, प्रश्रांत पांडेय और आलोक सिंह मौजूद रहे। नगर निगम के एक अधिकारी ने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी लेकिन अपने नाम का खुलासा नहीं किया। अमेरिका में बसे हितेश तोमर ने 12 महीने तक रुक्सार को प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने की घोषणा की।