Kanpur: आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने चलाया चेकिंग अभियान, बिना रिफलेक्टर के मिला हर तीसरा वाहन
आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने 248 वाहनों की चेकिंग की, जिसमें 80 वाहनों में रिफ्लेक्टर नहीं मिला। एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि कोहरे में हादसों का बड़ा कारण रिफ्लेक्टर का न होना है। चेकिंग अभियान में हर तीसरा वाहन बिना रिफलेक्टर के मिला है।
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कानपुर में कोहरे के चलते हो रहीं सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गुरुवार को आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने अभियान चलाया। जाजमऊ, रामादेवी, महाराजपुर, नौबस्ता और गल्ला मंडी में 248 ट्रैक्टर, ट्रक और लोडरों की जांच की। इनमें 80 वाहनों में रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे। चालान करने के बाद वाहनों में रिफ्लेक्टर भी लगाए गए।
कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस आरटीओ के फिटनेस सेंटर में होती है। रिफ्लेक्टर लगाए बिना फिटनेस नहीं होती है। इसके बावजूद इन वाहनों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट थे। एआरटीओ प्रवर्तन सुनील दत्त ने बताया कि अभियान के दौरान वाहन चालकों को चेतावनी दी गई।
यदि दोबारा बिना रिफ्लेक्टिव टेप लगे वाहन मिले, तो पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कोहरे में वाहन न चलाने, सड़क किनारे वाहन न खड़ा करने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने आदि के निर्देश दिए हैं।
रिफ्लेक्टर के फायदे
रिफ्लेक्टिव टेप की पट्टी रात में चमकती है। दूसरे वाहन की लाइट पड़ती है तो चमक और बढ़ जाती है। इससे अंधेरे या कोहरे में पता चल जाता है कि आगे कोई वाहन जा रहा है। ऐसे में हादसे की आशंका कम रहती है।