RSS Suposhan Abhiyan: पोषण के जरिये लोगों के बीच जगह बनाएगा संघ, PM के लोकसभा क्षेत्र से होगी शुरुआत
Kanpur News: आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. अशोक वार्ष्णेय के अनुसार यह आरएसएस के सभी सेवा संघों की एक बैठक है, जिसमें देश भर में आगामी वर्षों में चलाए जाने वाले सेवा कार्यों की योजना बनाई जाएगी।
विस्तार
देशभर के लोगों को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पोषण को माध्यम बनाया है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से होगी। यहां पर 25-26 जुलाई को संघ के सभी सेवा संगठनों की दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बार इस बैठक का मुख्य एजेंडा होगा सुपोषण।
संघ ने कुपोषण को दूर करने के लिए सुपोषण शब्द चुना है। इसके जरिये देशभर में स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे। संघ के सेवा संगठन अपने स्तर पर लगातार सेवा कार्य करते रहते हैं, लेकिन इस बार यह सभी संगठनों की ओर से सामूहिक फैसला लिया गया है।
इसमें सभी संगठनों के राष्ट्रीय संगठन मंत्रियों के अलावा, प्रांत स्तर के पांच-पांच पदाधिकारी शामिल होंगे। ऐसे कुल 50 संघ पदाधिकारियों का समूह पिछले वर्षों में किए गए सेवा कार्यों की समीक्षा करेगा। इसके बाद आगे एक वर्ष तक क्या-क्या किया जाएगा, इस पर फैसला लेगा। बैठक में संघ के कई राष्ट्र पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
सेवा कार्यों की बनाई जाएगी योजना
आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. अशोक वार्ष्णेय के अनुसार यह आरएसएस के सभी सेवा संघों की एक बैठक है, जिसमें देश भर में आगामी वर्षों में चलाए जाने वाले सेवा कार्यों की योजना बनाई जाएगी। इसके तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा कार्य चलाए जाएंगे, जिसमें स्वास्थ्य को प्रमुखता पर रखा गया है।
पोषण और स्वास्थ्य के प्रति किया जाएगा जागरूक
गर्भवती महिलाओं को पोषण कैसे मिले, बच्चों की देखभाल किस तरह से की जाए, उनका भोजन कैसा होना चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक कैसे किया जाएगा, इसके लिए समाज के बीच के लोगों और स्वयं सेवकों को भी विशेषज्ञों के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी। फिर वे प्रांत स्तर, विभाग स्तर और छोटे-छोटे समूहों में बंटकर काम करेंगे।
संघ के इन सेवा संगठनों के पदाधिकारी जुटेंगे
विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती, विद्या भारती, आरोग्य भारती, सक्षम, राष्ट्रसेविका समिति, दीनदयाल शोध संस्थान, भारत विकास परिषद, कल्याण आश्रम जैसे कुल 11 संगठन शामिल हैं।