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योगी सरकार का ब्लू प्रिंट तैयार करेगा संघ
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 04 May 2017 12:09 AM IST
सार
-15 को लखनऊ में आरएसएस और भाजपा की समन्वय बैठक में होगा विचार
-प्रांत और क्षेत्र प्रचारकों के साथ मुख्यमंत्री के साथ तैयार होगी सरकार को चलाने की रूपरेखा
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विस्तार
केंद्र के बाद अब उत्तर प्रदेश की सरकार किस ढर्रे और किस हनक से चलानी है, इसका ब्लू प्रिंट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तैयार करेगा। इसके लिए संघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री, और दूसरे प्रमुख मंत्रियों के साथ 15 से दो दिवसीय समन्वय बैठक लखनऊ में होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में यह तय होगा कि अगले पांच साल तक प्रदेश सरकार को किस तरह से चलाया जाए। जिससे 2019 में पार्टी को केंद्र में दुबारा सरकार बनाने में जनता का पूरा-पूरा समर्थन मिल सके।
इस बैठक की दूसरी सबसे अहम बात यह है कि भाजपा और संघ के बीच समय-समय पर होने वाले वैचारिक मतभेद को सरकार के कामकाज के माध्यम से किस तरह दूर किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार दूसरे मुद़दे जो इस बैठक में रखे जाने हैं उसमें बसपा और सपा को अभी तक समर्थन देती आ रही जातियों दलित और पिछड़ों को भाजपा के साथ किस तरह से स्थायी रूप से जोड़ा जाए।
इस बैठक में जिन प्रमुख लोगों के बीच चर्चा होनी है, उसमें सभी प्रांत प्रचारक, सभी क्षेत्र प्रचारक, प्रदेश और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा प्रमुख है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में जो भी मुद्दे रखे जाएंगे, जो भी प्रस्ताव तैयार होगा, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी समझने, बूझने के बाद अपनी मुहर लगाएंगे।
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क्षेत्र स्तर पर भी निगाह रख रहा संघ
भाजपा को 2019 में शीर्ष स्तर की विजेता पार्टी घोषित कराने के लिए संघ ने क्षेत्रीय स्तर पर मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। संघ की दृष्टि से प्रदेश में 6 प्रांत हैं और भाजपा की दृष्टि से प्रदेश में छह क्षेत्र हैं। संघ के प्रांत प्रचारकों को संघ और पार्टी के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। समय समय पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रांत प्रचारकों व संघ के अन्य पदाधिकारियों की बैठकें भी की जाती है।
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इस बैठक की दूसरी सबसे अहम बात यह है कि भाजपा और संघ के बीच समय-समय पर होने वाले वैचारिक मतभेद को सरकार के कामकाज के माध्यम से किस तरह दूर किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार दूसरे मुद़दे जो इस बैठक में रखे जाने हैं उसमें बसपा और सपा को अभी तक समर्थन देती आ रही जातियों दलित और पिछड़ों को भाजपा के साथ किस तरह से स्थायी रूप से जोड़ा जाए।
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इस बैठक में जिन प्रमुख लोगों के बीच चर्चा होनी है, उसमें सभी प्रांत प्रचारक, सभी क्षेत्र प्रचारक, प्रदेश और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा प्रमुख है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में जो भी मुद्दे रखे जाएंगे, जो भी प्रस्ताव तैयार होगा, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी समझने, बूझने के बाद अपनी मुहर लगाएंगे।
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क्षेत्र स्तर पर भी निगाह रख रहा संघ
भाजपा को 2019 में शीर्ष स्तर की विजेता पार्टी घोषित कराने के लिए संघ ने क्षेत्रीय स्तर पर मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। संघ की दृष्टि से प्रदेश में 6 प्रांत हैं और भाजपा की दृष्टि से प्रदेश में छह क्षेत्र हैं। संघ के प्रांत प्रचारकों को संघ और पार्टी के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। समय समय पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रांत प्रचारकों व संघ के अन्य पदाधिकारियों की बैठकें भी की जाती है।