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7800 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला: सुजय देसाई की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

Sat, 29 Jan 2022 11:10 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 29 Jan 2022 11:10 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने लगभग 7800 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोपी कारोबारी सुजय देसाई की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुजय देसाई फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर व सीईओ हैं।उन्होंने मर्चेंटिंग ट्रेड के कारोबार में विभिन्न बैंकों को फर्जी कागजात देकर लेटर ऑफ क्रेडिट के माध्यम से क्रेडिट सुविधा ली और घपला कर सरकारी बैंकों को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया

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Rs 7800 crore bank scam Sujay Desai bail plea rejected, High Court made strict remarks
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुजय देसाई पर लगा आरोप न सिर्फ समाज बल्कि जनता की अंतर-आत्मा को झकझोरने वाला है। उसे जमानत नहीं दी जा सकती। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने लगभग 7800 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोपी कारोबारी सुजय देसाई की जमानत याचिका खारिज कर दी है। 
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न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने ट्रायल कोर्ट (विशेष न्यायालय) को भी मामले का जल्द निस्तारण करने, संभव हो तो छह माह में मुकदमे में फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं। सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस की ओर से तर्क रखा गया कि सुजय देसाई फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर व सीईओ हैं। 
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उन्होंने मर्चेंटिंग ट्रेड के कारोबार में विभिन्न बैंकों को फर्जी कागजात देकर लेटर ऑफ क्रेडिट के माध्यम से क्रेडिट सुविधा ली और घपला कर सरकारी बैंकों को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। सिर्फ एफआईएल कंपनी पर 4041 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है, जबकि सभी सह अभियुक्तों ने मिलकर बैंकों को कुल 7820 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
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वहीं सुजय के अधिवक्ता का तर्क था कि कोई अपराध नहीं किया है। जांच एजेंसी का सहयोग कर रहे हैं। एसएफआईओ जांच पूरी कर चुकी है और पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। गवाहों की संख्या भी चार्जशीट में दी जा चुकी है। कई गवाह विदेश में रहते हैं। ऐसे में मुकदमे का जल्द निस्तारण संभव नहीं है। 

अभियोजन का पूरा मुकदमा दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है। ऐसे में सुबूतों से छेड़छाड़ भी नहीं की जा सकती। सुजय गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्हें अच्छे इलाज की जरूरत है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि सुजय ने देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला बड़ा आर्थिक अपराध किया है। जेल में उसका इलाज भी हो रहा है। ऐसे में बीमारी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें सुजय देसाई 19 मार्च 2020 से जेल में है
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