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सिख विरोधी दंगों के मामले में फैसले पर पूर्व न्यायाधीश ने ये कहा, 'इस शहर के लोगों में भी जगी आस'

Tue, 18 Dec 2018 09:08 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 18 Dec 2018 09:08 AM IST
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Retired Judge RS Sodhi statement on verdict in case of anti-Sikh riots
सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरएस सोढ़ी - फोटो : अमर उजाला
चार हजार मुकदमों पर फैसला सुनाने वाले और 84 दंगा की सुनवाई करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरएस सोढ़ी का कहना है कि देश की जनता को आज भी न्यायालय पर विश्वास है। सज्जन कुमार को 34 साल बाद सजा सुनाए जाने पर उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में देर हो सकती है लेकिन किसी के साथ गलत नहीं होगा। शहर के भी 84 दंगे मामलों की फाइल दोबारा खुलवाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दंगा मामले में सरकार की निष्पक्ष भूमिका ही सजा दिला सकती है। 
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सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरएस सोढ़ी यूपी के कानपुर में 80 फीट रोड स्थित पार्टी हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी पर्व पर शामिल होने शनिवार की रात को शहर आए थे। उन्होंने कहा कि मोतीझील गेट पर बना गुरु गोबिंद सिंह द्वार बेमिसाल है। ऐसी इमारत पूरे देश में नहीं देखी है। द्वार के लिए सबसे अधिक 80 लाख रुपये की मदद करने वाले उद्योगपति तिलकराज शर्मा का इस दौरान सम्मान भी किया गया।
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शहर में मारे गए 127 लोगों की फाइल दोबारा खुलवाई जाए

श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर के चेयरमैन कुलदीप सिंह ने बताया कि 84 दंगा मामले की सुनवाई 14 जनवरी को है। इसमें मुआवजा की घोषणा हो सकती है। सब कुछ ठीक रहा तो शहर में मारे गए 127 लोगों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा मिल सकता है। विधवा पेंशन भी बढ़ाई जाएगी और घायलों को सवा-सवा लाख रुपये मिलेगा। प्रेसवार्ता में प्रधान सिमरनजीत सिंह, प्रिंस सिंह, प्रिंस वासू आदि मौजूद रहे।

1984 में हुए सिख विरोधी दंगे के दोषी सज्जन कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर शहर के सिख समाज के लोगों ने खुशी जताई है। लोगोें का कहना है कि अब कानपुर शहर के दंगा पीड़ितों में भी न्याय की आस जगी है। दंगे में शहर में 127 लोग मारे गए थे।  इनमें थानों से ही फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिए गए थे। मांग है कि इन मामलों की भी फाइलें दोबारा खोली जाएं।

सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आते ही सिख समाज के लोग कीर्तनगढ़ गुरुद्वारा गुमटी नंबर-5 पर एकत्र हुए और मिठाई बांटी। उधर, श्री गुरु सिंह सभा लाटूश रोड के पदाधिकारियों ने भी बैठक कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की सराहना की। बैठक में यह भी तय हुआ कि शहर में मारे गए 127 लोगों की फाइल दोबारा खुलवाई जाए। 
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