{"_id":"f72781691412e7373421f08e8f798f21","slug":"retaired-bank-manager-murder-in-rajpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड बैंक प्रबंधक की हत्या, नकदी और गहने लूटे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिटायर्ड बैंक प्रबंधक की हत्या, नकदी और गहने लूटे
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Thu, 16 Jul 2015 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के पैलावार गांव में रिटायर्ड बैंक प्रबंधक की बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। आधा दर्जन बदमाशों ने घर में वृद्धा को कमरे में बंद कर अलमारी व बक्सों से नकदी और जेवर लूट ले गए।
गांव में हुई वारदात से बुधवार की सुबह सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचे एएसपी, डीएसपी, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने पड़ताल की।
राजपुर थाने में मृतक के पुत्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मंगलवार की रात पैलावर गांव में रिटायर्ड बैंक प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद (70) के घर में आधा दर्जन बदमाश घर में घुस गए।
बताया गया है कि उस वक्त घर में राजेंद्र और उनकी पत्नी दयावती थी। आहट होने पर घर के आंगन में सो रहीं दयावती जग गई। बदमाशों ने दयावती से मारपीट कर अलमारियां और बक्सों की चाबी लेकर कमरे में बंद कर दिया।
इधर, घर में शोरगुल की आवाज सुनकर राजेंद्र प्रसाद भी जग गए और उन्होंने बदमाशों का विरोध किया। उनके विरोध करने पर बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद घर में अलमारी और बक्से खोलकर उनमें रखे नकदी व लाखों रुपये के गहने लूट ले गए। बुधवार की भोर में दयावती की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंच गए।
पड़ोसियों ने मकान के मेन गेट में लगी कुंडी को खोलकर कमरे में बंद दयावती को बाहर निकाला गया। दूसरे कमरे की कुंडी खोलने पर देखा कि राजेंद्रप्रसाद चारपाई पर मृत पड़े थे। हत्या की सूचना लगते ही गांव में हड़कंप मच गया। वारदात की सूचना कानपुर में परिजनों दी गई।
विज्ञापन
कानपुर स्थित पनकी से पहुंचे योगेंद्र त्रिवेदी उर्फ अनुपम ने बताया कि उसके पिता राजेंद्र प्रसाद (70) पंजाब नेशनल बैंक की औरैया शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
वह घर पर ही मां दयावती के साथ रहते थे। गत मंगलवार को सवेरे वह बच्चों के पास पनकी चला गया था। इधर, सूचना पर पहुंचे थाना इंचार्ज जितेंद्र कुमार सिंह में मौका मुआयना किया।
बगल के खाली प्लाट में खड़ी चारपाई के सहारे छज्जे की रेलिंग से छत होकर सीढ़ियों से बदमाशों के घुसने और वारदात को अंजाम के बाद मेन गेट से जाने का अनुमान लगाया गया।
डॉग स्क्वायड की पड़ताल से पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। एक्सपर्ट ने वारदात से जुड़े स्थानों व सामानों के फिंगरप्रिंट लिये।
अपर पुलिस अधीक्षक ऋषिपाल सिंह यादव, डेरापुर के डीएसपी शशि शेखर दीक्षित ने भी बारीकी से जांच-पड़ताल की। उन्होंने थाना इंचार्ज को एसओजी टीम के सहयोग से वारदात का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
गांव में हुई वारदात से बुधवार की सुबह सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचे एएसपी, डीएसपी, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने पड़ताल की।
राजपुर थाने में मृतक के पुत्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मंगलवार की रात पैलावर गांव में रिटायर्ड बैंक प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद (70) के घर में आधा दर्जन बदमाश घर में घुस गए।
बताया गया है कि उस वक्त घर में राजेंद्र और उनकी पत्नी दयावती थी। आहट होने पर घर के आंगन में सो रहीं दयावती जग गई। बदमाशों ने दयावती से मारपीट कर अलमारियां और बक्सों की चाबी लेकर कमरे में बंद कर दिया।
विज्ञापन
इधर, घर में शोरगुल की आवाज सुनकर राजेंद्र प्रसाद भी जग गए और उन्होंने बदमाशों का विरोध किया। उनके विरोध करने पर बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद घर में अलमारी और बक्से खोलकर उनमें रखे नकदी व लाखों रुपये के गहने लूट ले गए। बुधवार की भोर में दयावती की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंच गए।
पड़ोसियों ने मकान के मेन गेट में लगी कुंडी को खोलकर कमरे में बंद दयावती को बाहर निकाला गया। दूसरे कमरे की कुंडी खोलने पर देखा कि राजेंद्रप्रसाद चारपाई पर मृत पड़े थे। हत्या की सूचना लगते ही गांव में हड़कंप मच गया। वारदात की सूचना कानपुर में परिजनों दी गई।
विज्ञापन
कानपुर स्थित पनकी से पहुंचे योगेंद्र त्रिवेदी उर्फ अनुपम ने बताया कि उसके पिता राजेंद्र प्रसाद (70) पंजाब नेशनल बैंक की औरैया शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
वह घर पर ही मां दयावती के साथ रहते थे। गत मंगलवार को सवेरे वह बच्चों के पास पनकी चला गया था। इधर, सूचना पर पहुंचे थाना इंचार्ज जितेंद्र कुमार सिंह में मौका मुआयना किया।
बगल के खाली प्लाट में खड़ी चारपाई के सहारे छज्जे की रेलिंग से छत होकर सीढ़ियों से बदमाशों के घुसने और वारदात को अंजाम के बाद मेन गेट से जाने का अनुमान लगाया गया।
डॉग स्क्वायड की पड़ताल से पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। एक्सपर्ट ने वारदात से जुड़े स्थानों व सामानों के फिंगरप्रिंट लिये।
अपर पुलिस अधीक्षक ऋषिपाल सिंह यादव, डेरापुर के डीएसपी शशि शेखर दीक्षित ने भी बारीकी से जांच-पड़ताल की। उन्होंने थाना इंचार्ज को एसओजी टीम के सहयोग से वारदात का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।