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Kanpur News: डूबे आशियानों से गृहस्थी बचाने के लिए टूटी नाव का सहारा
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इटावा। चारों ओर पानी ही पानी। घर से निकलने के लिए टूटी नाव और छत के रास्ते पटरे रखकर बनाए गए अस्थाई रास्ते। यह नजारा बुधवार को प्रतापनेर ग्राम पंचायत के तोड़ा गांव में संवाद न्यूज एजेंसी की टीम को देखने को मिला। पड़ोसी के घर रखे राशन, भूसे को निकालकर टूटी नाव के सहारे गांव के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद और अपने दरकते घरों को देखकर उन्हें छोड़ने की चिंता तोड़ा गांव के प्रमोद, उनके भाई रवि और पड़ोसी पूरन सिंह के चेहरे पर साफ नजर आ रही थी।
यमुना नदी के जलस्तर लगातार नवें दिन भी बढ़ता रहा। एक दिन पूर्व मंगलवार को यमुना का जलस्तर 122.56 मीटर पर था वहीं बुधवार को शाम पांच बजे यह बढ़कर 122.89 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि यमुना में पानी के बढ़ने की रफ्तार बुधवार को कम हो गई है। जहां एक दिन पूर्व तक यमुना में पानी एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रहा था। वहीं बुधवार को यह रफ्तार घटकर दो घंटे में एक सेंटीमीटर हो गई है। बुधवार को यमुना खतरे के निशान 121.92 मीटर से 97 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम प्रतापनेर ग्राम पंचायत के तोड़ा गांव में भी पहुंची। दोपहर के लगभग 12 बज रहे थे और प्रमोद यमुना के पानी में डूबे अपने घर के बाहर नाव लगाए हुए थे। भाई रवि पड़ोसी पूरन सिंह के घर में अंदर के हिस्से में मौजूद गृहस्थी को नाव में लादकर उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे थे। प्रमोद के छोटे बच्चे टूटी नाव में भर रहे पानी को निकालने की मशक्कत कर रहे थे। प्रमोद ने सामान रखते हुए बताया कि साहब कोई सुनवाई नहीं...। प्रशासनिक अधिकारी आए थे। नाव छोड़कर चले गए...वह भी टूटी है। अब खुद और अपनी गृहस्थी को बचाने में जुटे हैं। साहब चार फीट तक घरों में पानी भरा है। कुछ समान छत पर चढ़ा लिया है, लेकिन अब छत तक भी पानी आने की आशंका है। ऐसे में अब घर छोड़ तो रहे हैं, लेकिन जब आएंगे तो मेहनत से तैयार किया आशियाना भी बह जाएगा।
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कहा कि राशन का सामान तो प्रशासन ने दे दिया, लेकिन उसे पकाए कहां। रात से दोनों घरों के लोगों ने कुछ नहीं खाया है। बच्चों को बिस्किट खिलाकर पेट भर रहे हैं। पूरन सिंह के पड़ोस में रहने वाले अरविंद ने आवाज देकर टीम को बुलाया...कहा साहब हमारा भी हाल देख लीजिए। अभी घर के निचले हिस्से में पानी घुसा है। जानवर गांव से बाहर ले जाकर बांध दिए हैं। पशुबाड़े, खेती सब डूब गई ऐसे पानी चढ़ा तो घर जल्दी डूब जाएगा। गांव के मेहरवान सिंह, जगदीश, मनोज, मूंगाराम, राधाकृष्ण समेत करीब 20 लोगों के घर डूबे हुए हैं।
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यमुना नदी के जलस्तर लगातार नवें दिन भी बढ़ता रहा। एक दिन पूर्व मंगलवार को यमुना का जलस्तर 122.56 मीटर पर था वहीं बुधवार को शाम पांच बजे यह बढ़कर 122.89 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि यमुना में पानी के बढ़ने की रफ्तार बुधवार को कम हो गई है। जहां एक दिन पूर्व तक यमुना में पानी एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रहा था। वहीं बुधवार को यह रफ्तार घटकर दो घंटे में एक सेंटीमीटर हो गई है। बुधवार को यमुना खतरे के निशान 121.92 मीटर से 97 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम प्रतापनेर ग्राम पंचायत के तोड़ा गांव में भी पहुंची। दोपहर के लगभग 12 बज रहे थे और प्रमोद यमुना के पानी में डूबे अपने घर के बाहर नाव लगाए हुए थे। भाई रवि पड़ोसी पूरन सिंह के घर में अंदर के हिस्से में मौजूद गृहस्थी को नाव में लादकर उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे थे। प्रमोद के छोटे बच्चे टूटी नाव में भर रहे पानी को निकालने की मशक्कत कर रहे थे। प्रमोद ने सामान रखते हुए बताया कि साहब कोई सुनवाई नहीं...। प्रशासनिक अधिकारी आए थे। नाव छोड़कर चले गए...वह भी टूटी है। अब खुद और अपनी गृहस्थी को बचाने में जुटे हैं। साहब चार फीट तक घरों में पानी भरा है। कुछ समान छत पर चढ़ा लिया है, लेकिन अब छत तक भी पानी आने की आशंका है। ऐसे में अब घर छोड़ तो रहे हैं, लेकिन जब आएंगे तो मेहनत से तैयार किया आशियाना भी बह जाएगा।
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कहा कि राशन का सामान तो प्रशासन ने दे दिया, लेकिन उसे पकाए कहां। रात से दोनों घरों के लोगों ने कुछ नहीं खाया है। बच्चों को बिस्किट खिलाकर पेट भर रहे हैं। पूरन सिंह के पड़ोस में रहने वाले अरविंद ने आवाज देकर टीम को बुलाया...कहा साहब हमारा भी हाल देख लीजिए। अभी घर के निचले हिस्से में पानी घुसा है। जानवर गांव से बाहर ले जाकर बांध दिए हैं। पशुबाड़े, खेती सब डूब गई ऐसे पानी चढ़ा तो घर जल्दी डूब जाएगा। गांव के मेहरवान सिंह, जगदीश, मनोज, मूंगाराम, राधाकृष्ण समेत करीब 20 लोगों के घर डूबे हुए हैं।