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Kanpur News: पुराने जाजमऊ पुल की मरम्मत 12 से, भारी वाहनों पर लगेगी रोक
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कानपुर। जाजमऊ पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए 12 सितंबर से भारी वाहनों पर रोक लगेगी। इसकी मरम्मत का कार्य एनएचएआई कराएगा।
लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में जाजमऊ स्थित पुराना गंगा पुल 1971 से 1975 के बीच का बना हुआ है। पुल करीब 700 मीटर लंबा है। इसकी कुछ बेयरिंग टूट गई हैं। जगह-जगह गड्ढे होने के साथ ही सरिया नजर आ रही हैं। एनएचएआई ने महाराष्ट्र की रिहेब्लिटेशन रीहेब्लिटेशन इंजीनियरिंग कंपनी को पुल की मरम्मत का ठेका दिया है। कार्य की लागत 5.60 करोड़ रुपये है। कार्य पूरा करने की अवधि 12 दिसंबर रखी गई है।
12 सितंबर को दोपहर 12 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश तीन माह के लिए रोकते हुए पुल की मरम्मत का फैसला लिया गया। तय हुआ कि मरम्मत के दौरान लखनऊ, उन्नाव की तरफ से आने वाले हल्के वाहन पूर्ववत कानपुर नगर की तरफ आते रहेंगे। सोमवार को एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव ने उन्नाव के जिलाधिकारी से मुलाकात की।
कोट
जाजमऊ पुराने पुल से 12 सितंबर से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाकर मरम्मत का कार्य किया जाएगा। - घनश्याम मीना, जिलाधिकारी, उन्नाव
कोट
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोककर बेयरिंग बदलने की तैयारियां हो गई हैं। - पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
इनसेट
एनएचएआई ने तैयार किया डायवर्जन प्लान
एनएचएआई ने तीन माह के डायवर्जन के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत योजना बनाई है। इसके लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-30, एनएच-31, एनएच-34, एनएच-335 व अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।
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बक्सर मोड़ से होकर कानपुर आएंगे वाहन
उन्नाव से कानपुर की ओर आने वाले वाहन सवार एनएच-31 से बिहार होते हुए एनएच-19 स्थित बक्सर मोड़ होकर कानपुर आ सकते हैं। इसी तरह, उन्नाव की ओर से औरैया, इटावा की ओर जाने वाले वाहन सवार गंगा एक्सप्रेस-वे से होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का प्रयोग कर औरैया, इटावा जा सकते हैं। इसके अलावा, वह एनएच-31 के जरिए बिहार होते हुए एनएच-19 स्थित बक्सर मोड़से होकर कानपुर, औरैया-इटावा जा सकते है।
बांदा-महोबा के लिए जाएं एनएच-31 से
उन्नाव से बांदा-महोबा की ओर जाने वाले एनएच-31 का प्रयोग कर लालगंज, फतेहपुर होते हुए बांदा, महोबा जा सकते हैं। उन्नाव से हमीरपुर, झांसी-उरई की ओर जाने वाले वाहन सवार एनएच-31 से बिहार होते हुए बक्सर मोड़ होकर एनएच-19 (चौडगरा) का प्रयोग कर एसएच-46 से होकर घाटमपुर (एनएच-34) होकर हमीरपुर, झांसी-उरई जा सकते हैं।
हमीरपुर, बांदा जाने वाले वाहनों में अधिक असर
डायवर्जन का सबसे अधिक असर हमीरपुर और बांदा की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ेगा। इन रूटों पर यात्रियों व मालवाहक वाहनों को करीब 75 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। उन्नाव से इटावा जाने वाले वाहनों को करीब 30 किमी अधिक चलना पड़ेगा। लखनऊ से कन्नौज जाने वाले वाहनों के लिए नया मार्ग राहत भरा साबित होगा क्योंकि इस रूट पर करीब 60 किमी की दूरी कम हो जाएगी।
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लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में जाजमऊ स्थित पुराना गंगा पुल 1971 से 1975 के बीच का बना हुआ है। पुल करीब 700 मीटर लंबा है। इसकी कुछ बेयरिंग टूट गई हैं। जगह-जगह गड्ढे होने के साथ ही सरिया नजर आ रही हैं। एनएचएआई ने महाराष्ट्र की रिहेब्लिटेशन रीहेब्लिटेशन इंजीनियरिंग कंपनी को पुल की मरम्मत का ठेका दिया है। कार्य की लागत 5.60 करोड़ रुपये है। कार्य पूरा करने की अवधि 12 दिसंबर रखी गई है।
12 सितंबर को दोपहर 12 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश तीन माह के लिए रोकते हुए पुल की मरम्मत का फैसला लिया गया। तय हुआ कि मरम्मत के दौरान लखनऊ, उन्नाव की तरफ से आने वाले हल्के वाहन पूर्ववत कानपुर नगर की तरफ आते रहेंगे। सोमवार को एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव ने उन्नाव के जिलाधिकारी से मुलाकात की।
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कोट
जाजमऊ पुराने पुल से 12 सितंबर से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाकर मरम्मत का कार्य किया जाएगा। - घनश्याम मीना, जिलाधिकारी, उन्नाव
कोट
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोककर बेयरिंग बदलने की तैयारियां हो गई हैं। - पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
इनसेट
एनएचएआई ने तैयार किया डायवर्जन प्लान
एनएचएआई ने तीन माह के डायवर्जन के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत योजना बनाई है। इसके लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-30, एनएच-31, एनएच-34, एनएच-335 व अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।
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बक्सर मोड़ से होकर कानपुर आएंगे वाहन
उन्नाव से कानपुर की ओर आने वाले वाहन सवार एनएच-31 से बिहार होते हुए एनएच-19 स्थित बक्सर मोड़ होकर कानपुर आ सकते हैं। इसी तरह, उन्नाव की ओर से औरैया, इटावा की ओर जाने वाले वाहन सवार गंगा एक्सप्रेस-वे से होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का प्रयोग कर औरैया, इटावा जा सकते हैं। इसके अलावा, वह एनएच-31 के जरिए बिहार होते हुए एनएच-19 स्थित बक्सर मोड़से होकर कानपुर, औरैया-इटावा जा सकते है।
बांदा-महोबा के लिए जाएं एनएच-31 से
उन्नाव से बांदा-महोबा की ओर जाने वाले एनएच-31 का प्रयोग कर लालगंज, फतेहपुर होते हुए बांदा, महोबा जा सकते हैं। उन्नाव से हमीरपुर, झांसी-उरई की ओर जाने वाले वाहन सवार एनएच-31 से बिहार होते हुए बक्सर मोड़ होकर एनएच-19 (चौडगरा) का प्रयोग कर एसएच-46 से होकर घाटमपुर (एनएच-34) होकर हमीरपुर, झांसी-उरई जा सकते हैं।
हमीरपुर, बांदा जाने वाले वाहनों में अधिक असर
डायवर्जन का सबसे अधिक असर हमीरपुर और बांदा की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ेगा। इन रूटों पर यात्रियों व मालवाहक वाहनों को करीब 75 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। उन्नाव से इटावा जाने वाले वाहनों को करीब 30 किमी अधिक चलना पड़ेगा। लखनऊ से कन्नौज जाने वाले वाहनों के लिए नया मार्ग राहत भरा साबित होगा क्योंकि इस रूट पर करीब 60 किमी की दूरी कम हो जाएगी।