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धर्मांतरण मामला: अब्दुल बने आदित्य ने हलीम मुस्लिम कॉलेज में भी पढ़ाया था इस्लाम का पाठ, सामने आई चौंकाने वाली बात
Wed, 23 Jun 2021 12:42 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 23 Jun 2021 12:42 PM IST
सार
अगस्त 2020 में जब ऑनलाइन क्लास शुरू हुईं तो वीडियो कॉल से आदित्य ने एक छात्र का माइंड वॉश करना शुरू किया। नौकरी, शादी और पैसों का लालच दिया। व्हाट्सएप चैट पर भी इसी तरह की बातचीत करता था।
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आदित्य गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आदित्य गुप्ता से अब्दुल कादिर बने काकादेव निवासी मूक बधिर छात्र ने धर्म परिवर्तन के लिए दूसरों को भी प्रेरित करना शुरू कर दिया था। कानपुर में बिठूर के ज्योति बधिर स्कूल के दसवीं के छात्र का उसने काफी हद तक माइंड वॉश कर भी लिया था।
वह भी नमाज पढ़ने लगा था। हालांकि धर्म परिवर्तन से पहले ही मामला खुल गया। यह भी पता चला है कि आदित्य कई बार हलीम मुस्लिम कॉलेज में जाकर छात्रों को सांकेतिक भाषा में संबोधित भी कर चुका है। यहां भी कुछ गैर मुस्लिम लोग इकट्ठा किए जाते थे।
आदित्य करीब डेढ़ साल पहले उमर के संपर्क में आया और धर्म परिवर्तन कर लिया। मो. उमर ने आदित्य का इस्तेमाल करना शुरू किया। उसने आदित्य को जिम्मेदारी सौंपी कि बिठूर स्थित ज्योति बधिर स्कूल के छात्रों को इस्लाम के बारे में बताए। इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करे।
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अगस्त 2020 में जब ऑनलाइन क्लास शुरू हुईं तो वीडियो कॉल से आदित्य ने एक छात्र का माइंड वॉश करना शुरू किया। नौकरी, शादी और पैसों का लालच दिया। व्हाट्सएप चैट पर भी इसी तरह की बातचीत करता था। स्कूल के प्रिंसिपल रामदास पाल के मुताबिक आदित्य के संपर्क में जो छात्र आया था, उसका व्यवहार काफी हद तक बदल गया था।
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वह भी नमाज पढ़ने लगा था। हालांकि धर्म परिवर्तन से पहले ही मामला खुल गया। यह भी पता चला है कि आदित्य कई बार हलीम मुस्लिम कॉलेज में जाकर छात्रों को सांकेतिक भाषा में संबोधित भी कर चुका है। यहां भी कुछ गैर मुस्लिम लोग इकट्ठा किए जाते थे।
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आदित्य करीब डेढ़ साल पहले उमर के संपर्क में आया और धर्म परिवर्तन कर लिया। मो. उमर ने आदित्य का इस्तेमाल करना शुरू किया। उसने आदित्य को जिम्मेदारी सौंपी कि बिठूर स्थित ज्योति बधिर स्कूल के छात्रों को इस्लाम के बारे में बताए। इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करे।
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अगस्त 2020 में जब ऑनलाइन क्लास शुरू हुईं तो वीडियो कॉल से आदित्य ने एक छात्र का माइंड वॉश करना शुरू किया। नौकरी, शादी और पैसों का लालच दिया। व्हाट्सएप चैट पर भी इसी तरह की बातचीत करता था। स्कूल के प्रिंसिपल रामदास पाल के मुताबिक आदित्य के संपर्क में जो छात्र आया था, उसका व्यवहार काफी हद तक बदल गया था।
वह नमाज पढ़ने लगा था। मामले की जानकारी हुई तो परिजनों को बताया गया। परिजनों ने गोविंदनगर थाने में शिकायत की। दोनों पक्ष इकट्ठा हुए। पुलिस के सामने पूरा मामला रखा गया। हालांकि बातचीत से पूरा मामला सुलझा लिया गया।
जिनका धर्म परिवर्तन कराते, उनको देते टारगेट
जांच एजेंसियों की जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपी पहले छात्रों का माइंड वॉश करते हैं फिर धर्मांतरण कराते हैं। जब पूरी तरह से वो उनके वश में हो जाते हैं तो यही काम इन छात्रों से करवाना शुरू कर देते हैं। टारगेट दिया जाता था कि अधिक से अधिक लोगों को धर्मांतरण के लिए तैयार करें। मूक बधिर बच्चे होने की वजह से उन पर किसी का शक नहीं जाता।
स्कूल में आया था एक संदिग्ध टीचर
एटीएस की जांच में पता चला कि बिठूर स्थित मूक बधिर स्कूल में डेढ़-दो साल पहले एक शिक्षक आया था। एक-दो बार उसे कमरा बंदकर बच्चों को पढ़ाते देखा गया। पता चला कि वह इस्लाम के बारे में बताता था। वीडियो भी दिखाता था। इसके बाद उसे स्कूल से हटा दिया गया था।
जिनका धर्म परिवर्तन कराते, उनको देते टारगेट
जांच एजेंसियों की जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपी पहले छात्रों का माइंड वॉश करते हैं फिर धर्मांतरण कराते हैं। जब पूरी तरह से वो उनके वश में हो जाते हैं तो यही काम इन छात्रों से करवाना शुरू कर देते हैं। टारगेट दिया जाता था कि अधिक से अधिक लोगों को धर्मांतरण के लिए तैयार करें। मूक बधिर बच्चे होने की वजह से उन पर किसी का शक नहीं जाता।
स्कूल में आया था एक संदिग्ध टीचर
एटीएस की जांच में पता चला कि बिठूर स्थित मूक बधिर स्कूल में डेढ़-दो साल पहले एक शिक्षक आया था। एक-दो बार उसे कमरा बंदकर बच्चों को पढ़ाते देखा गया। पता चला कि वह इस्लाम के बारे में बताता था। वीडियो भी दिखाता था। इसके बाद उसे स्कूल से हटा दिया गया था।