सनातन का तिलक: फतेहपुर के अब्दुल जमील बने श्रवण कुमार, तीन माह से रामभक्ति में थे लीन
फतेहपुर के अब्दुल जमील ने मुस्लिम धर्म त्याग कर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। पटेल नगर स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजन के बाद उनका नामकरण किया गया।
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को धर्म परिवर्तन करने का मामला सामने आया है। यहां रेलवे के सेवानिवृत्त मुस्लिम कर्मचारी ने गुरुवार को सनातन धर्म अपना लिया है। सनातन धर्म अपनाने के बाद अब्दुल जमील का नामकरण भी किया गया। अब्दुल जमील अब श्रवण कुमार बन गए हैं। वह करीब तीन माह से राम को अराध्य मानकर पूजा-पाठ करते थे।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के महामंत्री मनोज त्रिवेदी की देखरेख में शहर के पटेलनगर स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजन के साथ अब्दुल जमील की घर वापसी हुई। आचार्य पंडित रामलला मिश्रा ने शुद्ध बुद्धि हवन यज्ञ के साथ अब्दुल जमील को सनातन धर्म में शामिल किया। समाज के लोगों ने अब नया नाम श्रवण कुमार रखा और माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि स्वेच्छा और अंतर्मन से सनातन धर्म स्वीकार किया है। सनातन धर्म में शामिल होने के लिए उन्होंने अखिल भारत हिंदू महासभा के महामंत्री मनोज त्रिवेदी से मिले और सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। वह काफी दिनों से हनुमान मंदिर आते-जाते थे। करीब तीन माह से राम और हनुमान जी की प्रार्थना करते आ रहे हैं।
हिंदू महासभा के प्रदेश महामंत्री मनोज त्रिवेदी ने कहा कि विश्व का सबसे प्राचीन धर्म सनातन धर्म अर्थात हिंदू धर्म ही है। यह आदि अनादि होने के साथ-साथ दया भाव से पूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोग सनातन धर्म में घर वापसी करना चाहते हैं उनको विधिपूर्वक शामिल कराएंगे। उनकी सुरक्षा व सम्मान का सदैव ध्यान रखा जाएगा। यज्ञ हवन के बाद एक गोष्ठी भी संपन्न हुई।
इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चंद्र कुमार पांडेय ने की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समाजसेवी अशोक सिंह तपस्वी, रामगोपाल शुक्ला, स्वामी रामआसरे आर्य, करण सिंह पटेल, शशिकांत मिश्रा, डॉक्टर प्रमोद पांडेय,आदित्य शुक्ला, प्रकाश मिश्रा, शिवाकांत तिवारी, सुनील गुप्ता, दीपचंद्र शुक्ला,बबलू ठाकुर, हिंदू महासभा की महिला अध्यक्ष संगीता गुप्ता, रंजना सिंह, कीर्ति मिश्रा, पूजा पांडेय समेत तमाम लोग उपस्थित हुए।
एसडीएम को कागजात सौंपे गए
कलेक्ट्रेट में धर्म परिवर्तन से संबंधित प्रार्थना पत्र आदि अभिलेख अधिवक्ता अभिलाष चंद त्रिवेदी की ओर से अतिरिक्त उपजिला अधिकारी प्रभाकर त्रिपाठी सौंपे गए हैं। एसडीएम ने पत्रावलियों का जांच की बात कही है।
अब्दुल जमील को जानें
अब्दुल जमील स्टेशन रोड देवीगंज मोहल्ले में रहते हैं। मूल रूप से मथुरा जिले के शादाबाद निवासी हैं। शादाबाद अब हाथरस में है। 30 अक्तूबर 1978 में नौकरी मिली थी। पहली तैनाती फतेहपुर में हुई। उसके बाद शिकोहाबाद तबादला हुआ। वह मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक के पद से 2014 में सेवानिवृत्त हुए। उनकी बड़ी बेटी शादीशुदा है। दूसरी बेटी इंजीनियर हे। तीसरी बेटीडाक्टर है। लखनऊ में पत्नी आरजूमंद बानो बेटियों के साथ रहती हैं। बेटा मो. शमील दिल्ली में पायलट ऑफिसर का कोर्स कर रहा है।
करीबियों से जान का खतरा बताया
श्रवण कुमार ने बताया कि मुस्लिम धर्म में भेदभाव है। भाईचारा नहीं है। भगवान राम और हनुमान की अराधना करता हूं। पहली बार विष्णु भगवान का नाम बोलकर हवन पूजन किया, तो मन से शांति मिल। हिंदू धर्म में जाने की बात सुनकर एक रिश्तेदार ने उन्हें बंधक बनाकर मारापीटा। अब किसी का भय नहीं है। दोबारा उनके साथ किसी तरह की घटना हो सकती है। वह अब चुप नहीं रहेंगे। उनके फैसले से सामाजिक और परिवारिक दबाव है। इसी वजह से सबसे अलग रहने का फैसला लिया है।