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धर्मांतरण: देश-विदेश में बैठे लोग फंडिंग के लिए कर रहे ई-वॉलेट का इस्तेमाल
Mon, 05 Jul 2021 04:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Jul 2021 04:57 PM IST
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धर्म परिवर्तन प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में धर्मांतरण के लिए फंडिंग ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही है। इनमें कई तरह के ई-वॉलेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। देश-विदेश में बैठे लोग मांग के अनुसार फंडिंग जुटाने का काम कर रहे हैं। एटीएस को कुछ पे-पॉल (एप) खातों की भी जानकारी मिली हैं। अब इन खातों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
धर्मांतरण कराने के आरोपियों व दिल्ली इस्लामिक दावा सेंटर के अध्यक्ष उमर गौतम को संस्था चलाने को देश-विदेश से फंडिंग की जा रही थी। फंडिंग करने वाले लोग धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने देश, प्रदेश या शहर में सेमिनार करते थे। इनमें लोगों के माइंड वॉश करने के लिए उमर या दावा सेंटर से जुड़े पदाधिकारियों को बुलाया जाता था।
एटीएस की जांच में सामने आया कि फंडिंग की अधिकांश रकम गुमनाम खातों में डाली जाती थी। विदेश से फंड का अदान प्रदान करने के लिए ऑनलाइन माध्यम या ई-वॉलेट पे-पॉल का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारी मिली है कि एक बार रकम आने के बाद इन खातों को बंद कर दिया जाता था।
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एटीएस के सहयोग को टीम का गठन
धर्मांतरण मामलों में जांच कर रही एटीएस के सहयोग के लिए शासन के निर्देश पर जिले में एसीपी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम धर्मांतरण कर चुके लोगों से बात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। टीम ने सभी मामलों को खंगालना शुरू कर दिया है। जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराए जाने वाले मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर हर सप्ताह जांच की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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धर्मांतरण कराने के आरोपियों व दिल्ली इस्लामिक दावा सेंटर के अध्यक्ष उमर गौतम को संस्था चलाने को देश-विदेश से फंडिंग की जा रही थी। फंडिंग करने वाले लोग धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने देश, प्रदेश या शहर में सेमिनार करते थे। इनमें लोगों के माइंड वॉश करने के लिए उमर या दावा सेंटर से जुड़े पदाधिकारियों को बुलाया जाता था।
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एटीएस की जांच में सामने आया कि फंडिंग की अधिकांश रकम गुमनाम खातों में डाली जाती थी। विदेश से फंड का अदान प्रदान करने के लिए ऑनलाइन माध्यम या ई-वॉलेट पे-पॉल का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारी मिली है कि एक बार रकम आने के बाद इन खातों को बंद कर दिया जाता था।
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एटीएस के सहयोग को टीम का गठन
धर्मांतरण मामलों में जांच कर रही एटीएस के सहयोग के लिए शासन के निर्देश पर जिले में एसीपी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम धर्मांतरण कर चुके लोगों से बात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। टीम ने सभी मामलों को खंगालना शुरू कर दिया है। जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराए जाने वाले मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर हर सप्ताह जांच की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।