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धर्मांतरण प्रकरण: अफसार को पीटने वाले तीन और आरोपियों की जमानत, चार और संदिग्धों को पुलिस ने उठाया

Sun, 15 Aug 2021 03:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 15 Aug 2021 03:58 PM IST
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Religion Conversion case: bail of three more accused who beat Afsaar
युवक को पीटते हुए ले जाते बजरंग दल के कार्यकर्ता - फोटो : amar ujala
कानपुर में बर्रा के रामगोपाल चौराहे पर बुधवार को अतिवादियों की ओर से ई-रिक्शा चालक अफसार को पीटने के मामले में शनिवार को पकड़े गए तीन और आरोपियों अंकित वर्मा उर्फ गदुंबा, केशू व शिवम को पुलिस ने थाने से जमानत दे दी। चार और संदिग्धों को पुलिस ने उठाया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
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वहीं छेड़खानी का आरोप लगाने वाली किशोरियों का मेडिकल डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सका। मामले के विवेचक भी बदल गए हैं। पुलिस ने अफसार की तहरीर पर अजय बैंड वाला, उसके बेटे डॉन, केशू, रमेश, रानी समेत आठ-10 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में अब तक बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं समेत छह की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी को थाने से जमानत दी जा चुकी है।
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34 दिन बाद मेडिकल कराने पहुंची पुलिस 
घटना के 34 दिन बाद छेड़खानी की शिकार दो बहनों को लेकर बर्रा पुलिस शनिवार को डफरिन अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टर न होने के कारण दोनों का मेडिकल नहीं हो सका। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी। ऐसे में इतने दिनों बाद मेडिकल कराने पर पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाए हैं।  

विवेचक बदले, धारा बढ़ाई गई
बर्रा में धर्मांतरण के नाम पर ई रिक्शा चालक अफसार को पीटने और जबरन धार्मिक नारे लगवाने के मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने (धारा 295 ए) बढ़ा दी है। इसके साथ ही मामले में चौकी इंचार्ज की अनुपस्थिति के कारण विवेचना बर्रा थाने में तैनात एसआई अरुण कुमार को सौंपी गई है। चौकी इंचार्ज राम सिंह इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग के लिए शहर से बाहर हैं। 

धारा 295 ए
जो कोई भारत नागरिकों को (विद्वेषपर्ण आशय ) किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करेगा अथवा करने का प्रयत्न करेगा। उसपर भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 295 ए की कार्रवाई की जाती है। जिसकी सजा तीन साल का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों है।
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