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रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं, अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला
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राजकीय मेडिकल कालेज।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। मेडिकल कालेज में करीब एक साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। इससे यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा रहता है। लोगों को एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्कैन)व सीटी स्कैन (कंप्यूटेड टोमोग्राफी) की रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। मरीजों को महंगे दामों पर जांचें करवानी पड़ रही हैं। कई बार पत्राचार के बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है।
राजकीय मेडिकल कालेज में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है। इसकी मुख्य वजह करीब एक साल से रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनाती नहीं होना है। इससे यहां आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कालेज में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। डॉक्टर इलाज में जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिख देते हैं। कालेज में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर ज्यादा धनराशि खर्च करनी पड़ती है। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण कालेज में होने वाली एमआरआई व सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी नहीं मिल पा रही है। मरीजों को मजबूरन बाहर के अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद है। रिपोर्ट भी नहीं बन पा रही है। शासन को प्रस्ताव भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है।
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कई जिलों के पहुंचते हैं मरीज
मेडिकल कालेज में कन्नौज के अलावा फर्रुखाबाद, सीमावर्ती मैनपुरी, औरैया और इटावा के भी मरीज पहुंचते हैं। यहां अल्ट्रासाउंड, एमआरआई व सीटी स्कैन के रोज करीब 100 के आसपास मरीज होते हैं। यहां तीनों सुविधाएं मुफ्त हैं। प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड के लिए 600 , एमआईआर के लिए 5000 और सीटी स्कैन के लिए 3000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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राजकीय मेडिकल कालेज में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है। इसकी मुख्य वजह करीब एक साल से रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनाती नहीं होना है। इससे यहां आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कालेज में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। डॉक्टर इलाज में जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिख देते हैं। कालेज में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर ज्यादा धनराशि खर्च करनी पड़ती है। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण कालेज में होने वाली एमआरआई व सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी नहीं मिल पा रही है। मरीजों को मजबूरन बाहर के अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद है। रिपोर्ट भी नहीं बन पा रही है। शासन को प्रस्ताव भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है।
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कई जिलों के पहुंचते हैं मरीज
मेडिकल कालेज में कन्नौज के अलावा फर्रुखाबाद, सीमावर्ती मैनपुरी, औरैया और इटावा के भी मरीज पहुंचते हैं। यहां अल्ट्रासाउंड, एमआरआई व सीटी स्कैन के रोज करीब 100 के आसपास मरीज होते हैं। यहां तीनों सुविधाएं मुफ्त हैं। प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड के लिए 600 , एमआईआर के लिए 5000 और सीटी स्कैन के लिए 3000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।