{"_id":"5b954d98867a557fee025ac9","slug":"reasons-for-not-having-aadhar-card-pregnant-woman-has-not-admitted","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही गर्भवती, आधार कार्ड के चक्कर में चली गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही गर्भवती, आधार कार्ड के चक्कर में चली गई जान
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:24 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के हरदोई जिले में प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को शुक्रवार रात आधार कार्ड न होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती करने से मना कर दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिजन रात दो बजे तक सीएचसी स्टाफ से भर्ती करने को मिन्नतें करते रहे। आखिर में थक-हारकर गर्भवती को वापस गांव ले गए। शनिवार को देर रात गर्भवती की मौत हो गई। गर्भवती अपनी ससुराल फर्रुखाबाद से अपने मायके आई थी।
मामला हरपालपुर सीएचसी का है। गंगा में आई बाढ़ से फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के ग्राम ऊगरपुर निवासी तोताराम अपनी गर्भवती पत्नी संता (21) को लेकर अपनी ससुराल हरदोई के लोनार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरसोहिया लेकर आ गया था। शुक्रवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गर्भवती को 102 एंबुलेंस से हरपालपुर सीएचसी लेकर आए। महिला के पिता संतपाल कश्यप का आरोप है सीएचसी के कर्मियों ने उनसे संता का आधार कार्ड मांगा।
विज्ञापन
मामला हरपालपुर सीएचसी का है। गंगा में आई बाढ़ से फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के ग्राम ऊगरपुर निवासी तोताराम अपनी गर्भवती पत्नी संता (21) को लेकर अपनी ससुराल हरदोई के लोनार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरसोहिया लेकर आ गया था। शुक्रवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गर्भवती को 102 एंबुलेंस से हरपालपुर सीएचसी लेकर आए। महिला के पिता संतपाल कश्यप का आरोप है सीएचसी के कर्मियों ने उनसे संता का आधार कार्ड मांगा।
विज्ञापन
आधार कार्ड न होने की जानकारी देने पर भर्ती करने से इनकार कर दिया
डेमो पिक
आधार कार्ड न होने की जानकारी देने पर संता को भर्ती करने से इनकार कर दिया। देर रात दो बजे तक संता सीएचसी में भर्ती होने के इंतजार में स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही। कोई सुनवाई न होने पर गर्भवती को परिजन शुक्रवार रात घर ले आए और शनिवार को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने के लिए रुपये का इंतजाम करने लगे। इस दौरान शनिवार रात संता की हालत बिगड़ गई और उसकी घर पर ही मौत हो गई।
इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय ने सीएचसी में आने से इनकार करते हुए बताया कि उनकी सीएचसी पर इस नाम की कोई मरीज नहीं पहुंची। उधर, सीएमओ डॉ. एसके रावत ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अब पता चला है तो जानकारी करेंगे। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय ने सीएचसी में आने से इनकार करते हुए बताया कि उनकी सीएचसी पर इस नाम की कोई मरीज नहीं पहुंची। उधर, सीएमओ डॉ. एसके रावत ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अब पता चला है तो जानकारी करेंगे। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।