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15 दिन पहले कमरा खाली कर गया था रामू, बिहार के सीवान में पेट्रोल डालकर युवक को जलाने का मामला
Sat, 03 Jul 2021 11:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 03 Jul 2021 11:58 AM IST
सार
कोतवाल विनोद पांडे का कहना है कि उन्हें भी मामले की जानकारी सिर्फ सोशल मीडिया के ही माध्यम से हुई है। शुक्रवार की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मुताबिक उरई शहर के तुलसीनगर निवासी रामू को बिहार के सिवान में जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
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रामू
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बिहार के सिवान में जिले के जिस युवक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, उसने करीब 15 दिन पहले ही किराए का कमरा खाली कर दिया था। मकान मालिक के परिजनों के मुताबिक युवक किसी मिठाई की दुकान में काम करता था और दोस्त से मिलने बिहार जाने की बात कहकर गया था।
कमरे में रखा सारा सामान भी वह ई-रिक्शा में ले गया था। वहीं, घटना के बारे में कोतवाल विनोद पांडे का कहना है कि उन्हें भी मामले की जानकारी सिर्फ सोशल मीडिया के ही माध्यम से हुई है। शुक्रवार की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मुताबिक उरई शहर के तुलसीनगर निवासी रामू को बिहार के सिवान में जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
वह अपनी प्रेमिका से मिलने गया था। घटनास्थल रामू का एक प्रेस और आधार कार्ड भी मिला था। जिससे उसके नाम और पते की पुष्टि हो सकी। जिस संस्थान के प्रेस का कार्ड घटनास्थल पर मिला, उसके जिला ब्यूरो प्रभारी ने भी रामू के पत्रकार होने से इनकार किया है।
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कार्ड में अंकित जानकारी भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध लग रही हैं। रामू तुलसीनगर स्थित पारस महाराज के मकान में किराए का कमरा लेकर रहता था। मकान मालिक के परिजनों के मुताबिक वह किसी मिठाई की दुकान में काम करता था।
पास पड़ोस के लोगों ने बताया कि रामू का अक्सर मजदूरी करने वालों के साथ आता-जाता था। कुछ समय पहले तक उसके साथ एक महिला भी रहती थी। फिलहाल रामू किस गांव का है और परिजन कौन है, कहां रहते हैं, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। वह करीब दो साल से तुलसीनगर में रह रहा था।
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कमरे में रखा सारा सामान भी वह ई-रिक्शा में ले गया था। वहीं, घटना के बारे में कोतवाल विनोद पांडे का कहना है कि उन्हें भी मामले की जानकारी सिर्फ सोशल मीडिया के ही माध्यम से हुई है। शुक्रवार की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मुताबिक उरई शहर के तुलसीनगर निवासी रामू को बिहार के सिवान में जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
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वह अपनी प्रेमिका से मिलने गया था। घटनास्थल रामू का एक प्रेस और आधार कार्ड भी मिला था। जिससे उसके नाम और पते की पुष्टि हो सकी। जिस संस्थान के प्रेस का कार्ड घटनास्थल पर मिला, उसके जिला ब्यूरो प्रभारी ने भी रामू के पत्रकार होने से इनकार किया है।
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कार्ड में अंकित जानकारी भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध लग रही हैं। रामू तुलसीनगर स्थित पारस महाराज के मकान में किराए का कमरा लेकर रहता था। मकान मालिक के परिजनों के मुताबिक वह किसी मिठाई की दुकान में काम करता था।
पास पड़ोस के लोगों ने बताया कि रामू का अक्सर मजदूरी करने वालों के साथ आता-जाता था। कुछ समय पहले तक उसके साथ एक महिला भी रहती थी। फिलहाल रामू किस गांव का है और परिजन कौन है, कहां रहते हैं, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। वह करीब दो साल से तुलसीनगर में रह रहा था।