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आवे ना जावे.. कनपुरिये डांडिया खूब लहरावैं: राजू श्रीवास्तव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 22 Oct 2018 02:15 PM IST
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राजू श्रीवास्तव
लेव भईया दशहरा अउर नवरात्रे भी निपट गए.. पिछले दिनों नवरात्रे के चलत व्हाट्सएप धार्मिक मैसेजन से अईस भक्तिमय रहा कि लगत रहा चप्पल उतार के.. मोबाइल पे फूल चढ़ाय के व्हाट्सएप चलावे के परी.. अईस गजब जोर रहा नवरात्रे केर.. अउर भईया आपन कानपूर भी बहुत तरक्की किहिस है.. अब तो भईया हिंया भी डांडिया आयोजित होय लगा है.. भले ही कनपुरिये डांडिया खेल ना पायें.. पर खेले मा जुटे परे हैं अउर तो अउर पिले पड़े हैं.. अउर एक दुसरे केर खोपड़ी बजाय पड़े हैं.. मतलब आवे ना जावे.. डांडिया लहरावैं.. अउर कुछ लोग तो मुंह बाय खाली हुंवा केर रौनक देखे जात हैं..
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अइसेहे निराला नगर मा डांडिया होत रहा तो हमरे संकठा हुंवा सब लोगन का डांडिया खेलत देख जबरदस्त इमोशनल हुई गए.. कहे लगे, हमरे पास भगवान का दिया सब कुछ है.. दौलत है.. शोहरत है.. इज्जत है.. बस डांडिया केर कमी है,.. हम कहा वहु मिल जाई.. अउर फिर पूरी जिंदगी तोहरी खोपड़िया पे बेलन से डांडिया खेलिहै.. वइसे डांडिया में जिन लड़कियन का कौनो नजर उठाय के भी कभू नाय देखत है.. वहु रंगबिरंगा गुजराती ड्रेस मा तैयार होय के परी हूँ मैं गाने पे डांस करत भये अईस एटीट्यूड दिखावत हैं.. कि जी करत है कि इस परी के पर काट के आसमान मा उड़ा दई..
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विकास नगर मा एक लब्भड़ तो अबकी अईस डांडिया खेलिस कि कईयों की आँखिन फोड़ दिहिस.. अइसेहे रामनारायन बाजार वाले कुंजीलाल केर मेहरारू डांडिया खेलत रहीं.. कोऊ डांडिया से उनका चश्मा फोड़ दीस.. ऊ चौंधियाई चौंधियाई डांडिया खेलत रहीं.. उनका कुछौ बिलगात नहीं रहा तो पता चला आपन डांडिया कौने के नाक मा घुसेड़ेे दे रहीं तो केहू के कान मा बजाय परी हैं.. उनके खिलाफ अब तक नौ एफ आई आर बाबूपुरवा थाने मा हुई चुकी हैं.. तो अबकी कानपुर मा अईस डांडिया चलत रहा..
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ई सब गुजरात से आवा है.. यहू मा मोदी का हाथ है.. वईसे तो डांडिया प्रोग्राम खाली पैसावाले मोहल्ले मा जादा होय रहा है.. हुंवा केर औरतें खूब मेकअप करके.. जेवर लाद के डांडिया खेले खातिर शाम का तैयार होय के बाहर निकलत हैं तो अईस लगत है जैसे रंगबिरंगी मिठाई जा रही होय.. पूरे साल घर मा काम करे के नाम पे कमर दर्द.. हाय मेरे घुटने.. फलाना ढिमकाना का ड्रामा करे वाली ई औरतें नवरात्रे मा खूब फुदक-फुदक के गरबा खेलत हैं.. अउर भईया इन पैसा वाले इलाके मा इन लोगन केर कपड़ा-जेवर अउर तैयारी देख के लगत है कि हाई सोसायटी मा तो अच्छे दिन आय चुके हैं कोई माने चाहे ना माने..
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तो पॉश एरिया मा तो डांडिया खूब जोरों से चलत रहा.. मगर बर्रा, लाठी मुहाल, दरीबा, मूलगंज, अउर बाबुपुरवा जइसन इलाके मा ईका लैके केहू की रिस्क लेवे की हिम्मत नहीं होत रही.. एके खातिर पुलिस चाहिए बहुत जादा.. काहे से एमा लड़के लड़कियां मिल के डांस करत हैं.. ओमा बवाल होय का खतरा रहत है.. भईया ई कौनो लौंडपने का खेल ना होय.. बहुत जिम्मेदारी का खेला है डांडिया..