कानपुर मा भई अबकी बारिश ने तो पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले...। ऐसी भयंकर बारिश कि पूरा कानपुर ऊपर नीचे हुई गवा रहे...। सब कहे लगे भगवान अब बस करौ...। अगले साल के लिए भी कुछु छोड़ देव...। ऐसेहे भयंकर बारिश मा कर्नलगंज से एक आदमी पुलिस का फोन किहिस कि हमका बचाय लेव हम फंस गए हन...। इस भयंकर बारिश मा 22 घंटे से फंसे हैं...। आपन बीवी के साथ... हमका बचाय लेव...।
पुलिस वाला कहिस अबे अपनी अपनी देखो...। हम ख़ुद ड्यूटी केर बहाना मार के आपन घर से भागे हैं...। ऐसेहे बारिश मा हमरे दोस्त संजय आपन ऑफिस खातिर लेट हुई गवा रहे...। तो ऊ सोचिन कि अब बॉस गुस्सहिये तो ऊ जैसेहे ऑफिस पहुंचे तो आपन बॉस का डराय लगे कि बाहर बहुते तेज बारिस है...। कार के उप्पर कार चढ़ गई है...। ट्रेन प्लेटफार्म के उप्पर पलट गई है... मोतीझील पूरी डूब गई है... कंपनी बाग मा नाव चल रही है...। ओका बॉस डिराय गवा.. कहे लगा.. अरे तो तुम इत्ती बारिस मा ऑफिस काहे आय गयेव...। अब हमका चिंता ई है कि हम आपन घर कइसे जईबे...।
संजय केर ई आईडिया काम कर गवा...। ऊ ई बात गजोधर का बताइन तो दूसर दिन गजोधरौ सोचिन कि यही आईडिया से आज ड्यूटी का गोला मारा जाय... वहु आपन बॉस का फोन किहिन... और ओका डराय लगे... कि बहुत बारिश है.. घर मा पानी भर गवा है... छत टपक रही है... बईठे केर जगह नहीं है... तो बॉस कहिस अरे तो फिर ऑफिस आय जाओ... आपन ऑफिस चार माला पर है... हिंया सूखे मा बइठ के काम करौ...।
हमरे एक मित्र हैं रग्घू... भन्नाना पुरवा मा किराए के मकान मा रहत हैं... अबकी बारिश मा उनके घर केर छत कई जगह से टपके लगी तो ऊ आपन मकान मालिक का फोन किहिन कि भइया आपका मकान चुवत है...। मकान मालिक कहिस यार अजब टोपा आदमी हौ.. अभीन दुई महीना पहिले तुम पानी का रोवत रहेव...। कहत रहेव कि घर मा पानी नहीं आ रहा है...। अब कह रहे हौ कि पानी बहुत आय रहा है... यार तुम किरायदारन का कोऊ संतुष्ट नहीं कर सकत है!!
अबकी बारिश मा पूरे कानपुर मा पानी भर गवा रहै... तो ग्वालटोली मा संकठा और पुत्तन कमर-कमर तक पानी मा जात रहें...। अब आप लोगन का तो पतेन हैं की आपन कानपुर मा गटर केर ढक्कर चोरी हुई जात हैं...। अचानक गुड़ुुप से पुत्तन एक गटर मा समाय गए...। भीड़ जमा हुई गयी, सबै लोग परेशान कि का किया जाय...। संकठा का रोय रोय के बुरा हाल...। कोऊ कहे पुलिस का फोन करो... कोऊ कहे फायर ब्रिगेड का बुलाव...।