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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Rajesh Chaudhary of AWEIL said Sarang cannon will target 60KM away, drone carbine is also being prepared

UP: AWEIL के राजेश चौधरी बोले- सारंग तोप 60KM  दूर साधेगी निशाना, ड्रोन कारबाइन भी हो रही तैयार, कही ये बात

Wed, 02 Oct 2024 12:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 02 Oct 2024 12:01 PM IST
सार

Kanpur News: सीएमडी ने कहा कि कंपनी के पास पिस्तौल, रिवॉल्वर, मशीन गन, राइफल, टैंक गन आर्टिकल, एयर डिफेंस गन, नेवल गन, आर्टिलरी गन, गोला-बारूद हार्डवेयर सहित कई तरह के हथियारों के निर्माण का लंबा अनुभव है। कंपनी के अफसरों, कर्मचारियों को कुशल और प्रशिक्षित करने के लिए डीआईएटी पुणे और आईआईटी चेन्नई के साथ समझौता किया गया है।
 

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Rajesh Chaudhary of AWEIL said Sarang cannon will target 60KM away, drone carbine is also being prepared
जानकारी देते अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजेश चौधरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

सेना में शामिल सारंग तोप को और अधिक मारक बनाया जाएगा। 38 किलोमीटर तक मार करने वाली तोप की मारक क्षमता 60 किलोमीटर की जाएगी। आठ टन भार वाली तोप का वजन भी कम किया जाएगा। गोले दागने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। दावा किया गया है कि पहली बार देश में सर्वाधिक दूरी तक मार करने वाली तोप बनाई जाएगी।

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इसके साथ ही 45 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम एडवांस धनुष तोप तैयार कर ली गई है। सेना की ओर से चार सौ तोप के लिए निकाले गए टेंडर में कंपनी शामिल हुई है। 38 किलोमीटर तक मार करने वाली धनुष तोप सेना के बेड़े में पहले से शामिल है। इस साल 36 धनुष तोप बनाकर सेना को दी गई। वहीं, दो साल में ड्रोन कारबाइन भी तैयार हो जाएगी। ये कारबाइन दो सौ मीटर तक मार कर सकेगी।
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एडवांस्ड वेपंस इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजेश चौधरी ने अर्मापुर इस्टेट आईबी में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि ड्रोन कारबाइन के लिए टीसीएल और एक निजी कंपनी के साथ समझौता किया गया है। कंपनी ने 155 मिमी 52 कैलिबर माउंटेड गन सिस्टम, 155 मिमी 52 कैलिबर टोड गन सिस्टम, एंटी मैटीरियल राइफल, सीक्यूबी कारबाइन को विकसित किया है।

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स्वदेशीकरण के स्तर को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना
कंपनी के तीन साल पूरे हो गए हैं और उत्पाद 94 प्रतिशत स्वदेशी है। जो डीपीएसयू में सबसे अधिक है। कंपनी का विजन स्वदेशीकरण के स्तर को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और आयात पर निभर्रता शून्य करना है। कंपनी ने पिछले पांच सालों में (पूर्ववर्ती ओएफबी अवधि सहित) सबसे अधिक राजस्व वृद्धि हासिल की है। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 2381 करोड़ रुपये हासिल किए।

लगभग 615 करोड़ के 16 निर्यात ऑर्डर हासिल
कंपनी ने अगले 3-4 वर्षों में अपने कारोबार को मौजूदा स्तर से दोगुना करने का लक्ष्य बनाया है। कंपनी अपनी ऑर्डर बुक को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक तक आगे बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी ने यूरोप, उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व और अफ्रीका में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, और लगभग 615 करोड़ रुपये के 16 निर्यात ऑर्डर हासिल करने में सफल हुई है।



हथियारों, हार्डवेयर समेत ये उत्पाद हैं शामिल
इसमें छोटे हथियार और मध्यम कैलिबर के हथियार, आर्टिलरी गन के पुर्जे, गोला-बारूद हार्डवेयर, आर्टिलरी गन की मरम्मत और छोटे हथियारों के पुर्जे शामिल हैं। वार्ता में एके मौर्य (निदेशक ऑपरेशनल), विश्वजीत प्रधान (निदेशक मानव संसाधन), सलभ प्रकाश, केआर सिन्हा, सीके मंडल, जेपी यादव, अनुराग आनंद (सभी महाप्रबंधक), अनूप मुखर्जी (संयुक्त महाप्रबंधक), विवेक कौशिक (उप महाप्रबंधक), ज्ञानेश्वर (उपनिदेशक) मौजूद रहे।

रिसर्च और नए उत्पादों के विकास पर जोर
सीएमडी ने कहा कि कंपनी के पास पिस्तौल, रिवॉल्वर, मशीन गन, राइफल, टैंक गन आर्टिकल, एयर डिफेंस गन, नेवल गन, आर्टिलरी गन, गोला-बारूद हार्डवेयर सहित कई तरह के हथियारों के निर्माण का लंबा अनुभव है। कंपनी के अफसरों, कर्मचारियों को कुशल और प्रशिक्षित करने के लिए डीआईएटी पुणे और आईआईटी चेन्नई के साथ समझौता किया गया है। कंपनी के निदेशक ऑपरेशनल एके मौर्या ने बताया कि एके 203 राइफल का बड़ा उत्पादन मिल गया है। राइफल के दूसरे चरण का काम शुरू कर दिया गया है। 30 उपकरणों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। वहीं, सीएमडी ने बताया कि उत्पादकता से जुड़ी प्रोत्साहन योजना पीएलआई की शुरूआत कर दी गई है।

एआई और उन्नत तकनीकी पर काम
बताया गया कि कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वचालन और डिजिटल विनिर्माण समाधान पर काम कर रही है। कंपनी अपनी 8 इकाइयों में क्यूए 4.0 को लागू करने की दिशा में भी लगी है। तीन आयुध विकास केंद्र (ओडीसी) में आधुनिक युद्ध हथियारों के नए-नए डिजाइन बनाने पर काम किया जा रहा है।

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