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बारिश ने चलाया सर्दी का कोड़ा

Sun, 14 Dec 2014 02:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sun, 14 Dec 2014 02:39 AM IST
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rainfall in kanpur
शनिवार को दिन भर रुक रुक कर हुई बारिश और ठंडी हवाओं के साथ सर्दी शबाब पर आ गई। क्षेत्रीय चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के कारण खराब हुए इस मौसम से भले ही रात का तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस चढ़ गया पर बारिश और ठंडी हवा के झोकों ने लोगों को पस्त कर दिया।
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शनिवार सुबह लोगों की आंख खुली तो मौसम बदला था। ठंडी हवाओं के साथ बारिश हो रही थी। आठ बजते बजते आसमान में जो बदरी उमड़ी उसने सूरज को अपने आगोश में ले लिया।
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सूरज ने 11 बजे के आस-पास अपना जोश दिखाने की कोशिश की लेकिन बारिश ने उसके हौसले पस्त कर दिए। फिर क्या था, सुबह से शाम तक पांच-छह चरणों में रुक-रुक कर कभी धीमी तो कभी तेज बारिश हुई।
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दोपहर साढ़े तीन बजे तो अंधेरा-सा लपक आया। घरों में बैठे लोग रजाई में दुबक गए। सड़कों पर निकले लोग टोपी, स्वेटर और जैकेट्स में भी कंपकपाते रहे।
सड़कों पर अलाव जलने लगे। चाय की दुकानों पर हाथ सेंकने के साथ चाय पीने वालों की भीड़ दिखने लगी। नजारा ऐसा रहा कि शाम चार बजे ही लोगों को गाड़ियों की लाइट जला कर चलना पड़ा।
इस मौसम को लेकर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि क्षेत्रीय चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम खराब हुआ है।
बदरी के कारण रात का पारा 5.0 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 13.4 डिग्री हो गया है पर दिन का तापमान 22.5 से गिर कर 21.2 पहुंच गया है। दिनभर में करीब तीन मिलीमीटर बारिश हुई है।
16 दिसंबर तक तापमान में खासी गिरावट दिखने की संभावनाएं हैं। डॉ. दुबे ने बताया कि बारिश और बदरी का मौसम रविवार को भी बना रहेगा। बीच बीच में सूरज के दर्शन होंगे पर मौसम खराब रहेगा।

शिफ्ट हो रहा है मौसम
डॉ. दुबे के अनुसार 1981 से लेकर 2013 के बीच जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम तेजी से शिफ्ट हुआ है। इस शिफ्टिंग से कई बार सर्दी के मौसम में अधिक बारिश और बारिश के मौसम में सूखे जैसी स्थिति देखने में आ रही है।

इसका मुख्य कारण इंडस्ट्री और कंकरीट जंगलों का विकसित होना भी है।
जाड़ा, गर्मी और बरसात सहित अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए पिछले 26 सालों में दिन के तापमान में औसतन 0.49 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और 1971 से 2013 के बीच औसतन पांच साल के आंकड़ों की सांख्यिकी आधार पर रात के तापक्रम में 0.45 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
दिन और रात के तापमान में वैरीएशन भी कम होने लगा है।
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