{"_id":"5b6565fb4f1c1ba13e8b5033","slug":"rain-and-waterflowing-continue-to-be-bad-effect","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बारिश और जलभराव का बुरा असर जारी, कानपुर और आसपास आज फिर 3 की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और जलभराव का बुरा असर जारी, कानपुर और आसपास आज फिर 3 की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 04 Aug 2018 05:37 PM IST
विज्ञापन
जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल यूपी के तमाम शहर अभी भी जलभराव से जूझ रहे हैं। शनिवार को मौसम ने कुछ राहत जरूर बरती लेकिन जलमग्न इलाके अभी भी कुदरत और प्रशासन की लापरवाही की मार झेल रहे हैं। कच्चे मकान गिरने और करंट से शनिवार को फिर तीन लोगों की मौत हो गई।
जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
बाढ़ से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार शाम गुजैनी हाइवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे रामादेवी से भौंती तक करीब 12 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर हाइवे से हटाने की कोशिश की तो मामला और भड़क गया। भीड़ ने फोर्स पर पथराव किया और पुलिस की चार बाइकें फूंक दीं। एसीएम से धक्का-मुक्की की। पथराव में आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पथराव और आगजनी देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी जान बचाकर भाग निकले। अर्मापुर इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह ने मोर्चा लिया और पिस्टल से फायरिंग की, तब भीड़ तितर-बितर हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ पर काबू पाया। पथराव में जूही, पनकी और गोविंद नगर इंस्पेक्टर समेत समेत 12 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। ढाई घंटे बाद ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु हो सकी।
आगे की स्लाइड में पढेंः- सर्विस लेन कर दिया जाम...
आगे की स्लाइड में पढेंः- सर्विस लेन कर दिया जाम...
जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
कानपुर शहर में लगातार हो रही बारिश और पांडु नदी की बाढ़ से चार दिन से साउथ सिटी के दर्जनों मोहल्ले जलमग्न हैं। बर्रा, मायापुरम, मेहरबान सिंह का पुरवा, मर्दनपुर, रविदासपुरम, कंचनपुरवा, बिहारीपुरवा, गोपाल नगर में छह-सात फीट तक पानी भरा है। पांच हजार से ज्यादा लोग घरों को छोड़ चुके हैं। जलभराव से प्रभावित इलाकों के सैकड़ों लोग शाम करीब चार बजे गुजैनी हाइवे पर पहुंचे और हाइवे और फ्लाईओवर व सर्विस लेन को जाम कर दिया। थोड़ी देर में जाम की स्थिति विकराल हो गई। एसीएम-प्रथम आरपी वर्मा, बर्रा थानाप्रभारी रवि श्रीवास्तव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों के समझाने पर लोग सड़क के किनारे हो गए। उसी दौरान कुछ लोगों ने यह कहकर भीड़ को भड़का दिया कि हंगामा और हाइवे जाम करने पर ही सुनवाई होगी। साथ ही मुआवजा भी प्रशासन देगा। इसके बाद भीड़ फिर सड़क पर आ गई। महिलाओं के साथ लोगों ने हाइवे, फ्लाई ओवर और सर्विस लेन सब कुछ जाम कर दिया। बवाल बढ़ता देख सीओ गोविंद नगर, कई थानों की फोर्स और पीएसी पहुंच गई। अफसरों ने जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने का भरोसा देकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने अनसुना कर दिया। साथ ही उग्र हो गए और पथराव व आगजनी चालू कर दी।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- बारिश-बाढ़ से अब तक 62 हजार लोग प्रभावित ...
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- बारिश-बाढ़ से अब तक 62 हजार लोग प्रभावित ...
विज्ञापन
विज्ञापन
जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
बारिश और बाढ़ से कानपुर जिले में अब 62 हजार लोग प्रभावित हो चुके हैं। इनमें से 5785 लोगों ने प्रशासन के राहत शिविरों में शरण ली है। जबकि, हजारों लोग अपने रिश्तेदारों के यहां और सड़क किनारे खुद ही टेंट लगाकर रह रहे हैं।
जिला प्रशासन ने बारिश और बाढ़ से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, जिले के 60 गांव प्रभावित हैं। अब तक 17 पशुओं की मौत हुई है और 455 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। शुक्रवार को भी बारिश से प्रभावित 2785 लोगों को प्रशासन के राहत शिविरों में ठहराया गया। उधर, लगातार बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश से फाल्टों की झड़ी लग गई। सुबह होने तक आधे शहर की बिजली फॉल्टों की भेंट चढ़ गई। 37 सबस्टेशनों में फॉल्ट होने से लोगों के घरों में नलों से पानी भी नहीं आया। इसी तरह शुक्रवार को कानपुर सेंट्रल आने जाने वाली 20 ट्रेनें घंटों लेट रहीं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, कारोबार भी पहले ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल तो अब बारिश के झटके से नहीं उबर पा रहा है। इससे उद्योगों में 43 हजार करोड़ का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
जिला प्रशासन ने बारिश और बाढ़ से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, जिले के 60 गांव प्रभावित हैं। अब तक 17 पशुओं की मौत हुई है और 455 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। शुक्रवार को भी बारिश से प्रभावित 2785 लोगों को प्रशासन के राहत शिविरों में ठहराया गया। उधर, लगातार बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश से फाल्टों की झड़ी लग गई। सुबह होने तक आधे शहर की बिजली फॉल्टों की भेंट चढ़ गई। 37 सबस्टेशनों में फॉल्ट होने से लोगों के घरों में नलों से पानी भी नहीं आया। इसी तरह शुक्रवार को कानपुर सेंट्रल आने जाने वाली 20 ट्रेनें घंटों लेट रहीं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, कारोबार भी पहले ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल तो अब बारिश के झटके से नहीं उबर पा रहा है। इससे उद्योगों में 43 हजार करोड़ का उत्पादन प्रभावित हुआ है।