Kanpur: रेलवे का पुराना बेस किचन टूटा, तो मिली तीन शिवलिंग आकृतियां, ये सामान भी मिला
कैंट साइड सेंट्रल स्टेशन पर बन रहीं स्वचलित सीढ़ियों के बगल में रेलवे का बेस किचन बना था। इसको स्वचालित सीढ़ियों के निर्माण के लिए तोड़ा जा रहा था। इस दौरान यहां शिविलिंग की आकृति वाले तीन पत्थर मिले हैं।
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कानपुर में सेंट्रल रेलवे स्टेशन के कैंट साइड में आरपीएफ थाने के बगल में स्वचलित सीढ़ियों का निर्माण किया जा रहा है। इसकी वजह से जर्जर घोषित हो चुके रेलवे के बेस किचन को मंगलवार सुबह तोड़ा गया। इसमें शिविलिंग की आकृति वाले तीन पत्थर मिले।
इसकी सूचना मिलने पर यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं की भीड़ लगी। चर्चा रही कि रेलवे की पुरानी बिल्डिंग की खुदाई में शिवलिंग निकले हैं। रेलवे ने इसे मसाला कूटने वाले सिल-बट्टा बताया है। जानकारी मिलने पर आरपीएफ के दरोगा अमित द्विवेदी समेत आरपीएफ, इंजीनियरिंग और स्टेशन प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
दरअसल, कैंट साइड से फुटओवर ब्रिज पर चढ़ने के लिए स्वचलित सीढ़ियों के बनाने का काम रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग करा रहा है। इसके ठीक बगल में रेलवे के पुराने जर्जर घोषित हो चुके बेस किचन की इमारत है। इसका थोड़ा थोड़ा हिस्सा तोड़ा जाता रहा है।
मंगलवार को इसकी छत गिराई गई तो किचन में रखा पुराना सामान रखा मिला। इसमें शिवलिंग की आकृति के तीन पत्थर मिले। इसमें दो बड़े और एक छोटा था। यह देखने में बिल्कुल शिवलिंग जैसा था। हालांकि इसके साथ ही वहां पुरानी प्लेटें, कप और दूसरे बर्तन समेत किचन में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला।
इसका परीक्षण किया गया, तो पता चला कि यह शिवलिंग नहीं बल्कि मसाला पीसने वाला बर्तन और पत्थर है। आरपीएफ इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने बताया कि बेस किचन से तीन शिवलिंग आकृतियों वाले पत्थरों के साथ दूसरा किचन का सामान भी मिला है।
यहां कोई खुदाई नहीं हुई है, बल्कि सामान रखा हुआ मिला है। पत्थरों के साथ मसाला पीसने वाला पत्थर का बर्तन भी मिला है। यह चरक की तरह है, इसमें लकड़ी फंसाने का निशान भी है और बट्टे में जो कांटे लगाए जाते हैं, वह भी इन तीनों पत्थरों में लगा हुआ है।