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कानपुर के अशोक साहू के कंधे पर हाथ रखकर बोले मोदी, मन लगाकर कीजिए काम, पद्मश्री से सम्मानित
Wed, 10 Nov 2021 01:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:38 AM IST
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पद्मश्री से सम्मानित अशोक साहू
- फोटो : amar ujala
कानपुर सिविल लाइंस निवासी और महाराजपुर के ड्योढ़ी घाट रोड पर कानपुर इंटरनेशनल विपश्यना मेडीटेशन सेंटर के माध्यम से जनसेवा करने वाले अशोक कुमार साहू को मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान से नवाजे गए अशोक साहू ने न केवल अपने परिवार को बल्कि पूरे शहर को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके काम की सराहना की। डाइनिंग हॉल में नाश्ते के दौरान प्रधानमंत्री ने दो बार उनके कंधे पर हाथ रखकर कहा कि आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इस काम को मन लगाकर करते रहिए। अशोक साहू को माइग्रेन (सिर दर्द) की समस्या हुई थी। इसका निवारण उन्हें विपश्यना से मिला। इसके बाद भी उन्होंने विपश्यना केंद्र शुरू कर जनसेवा शुरू कर दी। इसके लिए ही उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।
पहली बार राष्ट्रपति भवन गया, ऐसी मेहमाननवाजी से अभिभूत हूं
राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मश्री देते हुए कहा बहुत-बहुत बधाई साहू जी! इसके जवाब में उन्होंने राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति ने उनसे पूछा कि कानपुर के क्या हालचाल हैं। जवाब दिया कि बहुत अच्छा है। पद्मश्री पाने के बाद राष्ट्रपति भवन के हॉल में मुलाकात के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और गृहमंत्री अमित शाह ने भी सभी को बधाई दी।
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अशोक साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनका अभिवादन किया और परिचय देते हुए कहा कि मोदी जी, मैं कानपुर से हूं और जनसेवा के लिए लिए विपश्यना केंद्र चलाता हूं। इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे पता है साहू जी। आपका विपश्यना केंद्र लखनऊ में भी है।
अशोक कुमार साहू के साथ गईं उनकी पत्नी नीता साहू और छोटे भाई अवधेश कुमार साहू से भी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मुलाकात की और बधाई दी। अशोक ने बताया कि दि अशोका होटल में परिवार के साथ रुके। वहां घूमने फिरने के लिए पांच हजार रुपये भी मिले। आरटीपीसीआर जांच में खर्च दो हजार रुपये भी दिए गए। पहली बार राष्ट्रपति भवन गया और पहली बार इस तरह की मेहमाननवाजी मिली। अशोक कुमार साहू ने बताया कि वे तीन दिनों के लिए सरकार के मेहमान के तौर पर नई दिल्ली में रुके। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में अवार्ड मिला और अशोका हॉल में ग्रुप फोटो हुई।
राष्ट्रपति के भाई भी लेते हैं विपश्यना केंद्र में क्लास
अशोक कुमार साहू के छोटे भाई अवधेश कुमार साहू ने बताया कि वह अपने भाई के साथ इन केंद्रों को चलाते हैं। यह मुफ्त में की जाने वाली जनसेवा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाई रामस्वरूप भारतीय भी विपश्यना के गुरु हैं और अक्सर यहां पर योग के गुर सिखाते हैं। शहर में बढ़ते शोर शराबे, भागदौड़ भरी जिंदगी व तनाव को यह कोर्स दूर करता है। अब तक हजारों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने 2006 में लखनऊ के बख्शी का तालाब और 2012 में कानपुर में मेडीटेशन केंद्र की स्थापना की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके काम की सराहना की। डाइनिंग हॉल में नाश्ते के दौरान प्रधानमंत्री ने दो बार उनके कंधे पर हाथ रखकर कहा कि आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इस काम को मन लगाकर करते रहिए। अशोक साहू को माइग्रेन (सिर दर्द) की समस्या हुई थी। इसका निवारण उन्हें विपश्यना से मिला। इसके बाद भी उन्होंने विपश्यना केंद्र शुरू कर जनसेवा शुरू कर दी। इसके लिए ही उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।
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पहली बार राष्ट्रपति भवन गया, ऐसी मेहमाननवाजी से अभिभूत हूं
राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मश्री देते हुए कहा बहुत-बहुत बधाई साहू जी! इसके जवाब में उन्होंने राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति ने उनसे पूछा कि कानपुर के क्या हालचाल हैं। जवाब दिया कि बहुत अच्छा है। पद्मश्री पाने के बाद राष्ट्रपति भवन के हॉल में मुलाकात के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और गृहमंत्री अमित शाह ने भी सभी को बधाई दी।
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अशोक साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनका अभिवादन किया और परिचय देते हुए कहा कि मोदी जी, मैं कानपुर से हूं और जनसेवा के लिए लिए विपश्यना केंद्र चलाता हूं। इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे पता है साहू जी। आपका विपश्यना केंद्र लखनऊ में भी है।
अशोक कुमार साहू के साथ गईं उनकी पत्नी नीता साहू और छोटे भाई अवधेश कुमार साहू से भी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मुलाकात की और बधाई दी। अशोक ने बताया कि दि अशोका होटल में परिवार के साथ रुके। वहां घूमने फिरने के लिए पांच हजार रुपये भी मिले। आरटीपीसीआर जांच में खर्च दो हजार रुपये भी दिए गए। पहली बार राष्ट्रपति भवन गया और पहली बार इस तरह की मेहमाननवाजी मिली। अशोक कुमार साहू ने बताया कि वे तीन दिनों के लिए सरकार के मेहमान के तौर पर नई दिल्ली में रुके। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में अवार्ड मिला और अशोका हॉल में ग्रुप फोटो हुई।
राष्ट्रपति के भाई भी लेते हैं विपश्यना केंद्र में क्लास
अशोक कुमार साहू के छोटे भाई अवधेश कुमार साहू ने बताया कि वह अपने भाई के साथ इन केंद्रों को चलाते हैं। यह मुफ्त में की जाने वाली जनसेवा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाई रामस्वरूप भारतीय भी विपश्यना के गुरु हैं और अक्सर यहां पर योग के गुर सिखाते हैं। शहर में बढ़ते शोर शराबे, भागदौड़ भरी जिंदगी व तनाव को यह कोर्स दूर करता है। अब तक हजारों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने 2006 में लखनऊ के बख्शी का तालाब और 2012 में कानपुर में मेडीटेशन केंद्र की स्थापना की।