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प्रोटेक्टिव कार्बाइन का ट्रायल शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 30 Dec 2014 02:41 AM IST
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स्माल आर्म्स फैक्ट्री और डीआरडीओ के साझा प्रयास से तैयार की गई ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन(जेवीपीसी) का ट्रायल सोमवार से शुरू हो गया है। फैक्ट्री प्रबंधन ने ट्रायल फैक्ट्री में ही चलने की बात कही है। इसके नतीजे चार से पांच दिन के भीतर आने की उम्मीद जताई है।
अरसे से आर्मी में एक ऐसी कार्बाइन की जरूरत महसूस की जा रही है, जो क्लोज क्वार्टर बैरल यानी नजदीक से लड़े जाने वाले युद्ध के लिए मुफीद हो। पूर्व में अमोघ कार्बाइन का ट्रायल इस मकसद से आर्मी ने किया था, पर वह उनके तमाम मानकों में खरी नहीं उतरी।
इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने डीआरडीओ और एसएएफ को साझा प्रयास से अपनी आवश्यकतानुसार कार्बाइन बनाने के निर्देश दिए थे। आर्मी को 5.56 कैलिबर की तीन किलो से कम वजन, दो सौ मीटर की मारक क्षमता की कार्बाइन की आवश्यकता है, जिससे सात सौ राउंड प्रति मिनट फायर संभव हों। इसे देखते हुए डीआरडीओ और एसएएफ ने काफी शोध के बाद जेवीपीसी का निर्माण किया।
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कई राउंड का ट्रायल करने में सामने आई कमियों को दूर करने के बाद अब इसे आर्मी ट्रायल के लिए तैयार किया गया है। एसएएफ के संयुक्त महाप्रबंधक कैलाश नाथ आर्य ने बताया कि ट्रायल फैक्ट्री में शुरू हुआ है।
इसमें फैक्ट्री के अलावा डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस के अधिकारियों के अलावा आर्मी के अफसर भी मौजूद रहे। पूरे सप्ताह ट्रायल चलेगा। उसके बाद इसकी सफलता को लेकर कोई दावा किया जाएगा।
सफलता के बाद इसके बड़े पैमाने पर निर्माण के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
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अरसे से आर्मी में एक ऐसी कार्बाइन की जरूरत महसूस की जा रही है, जो क्लोज क्वार्टर बैरल यानी नजदीक से लड़े जाने वाले युद्ध के लिए मुफीद हो। पूर्व में अमोघ कार्बाइन का ट्रायल इस मकसद से आर्मी ने किया था, पर वह उनके तमाम मानकों में खरी नहीं उतरी।
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इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने डीआरडीओ और एसएएफ को साझा प्रयास से अपनी आवश्यकतानुसार कार्बाइन बनाने के निर्देश दिए थे। आर्मी को 5.56 कैलिबर की तीन किलो से कम वजन, दो सौ मीटर की मारक क्षमता की कार्बाइन की आवश्यकता है, जिससे सात सौ राउंड प्रति मिनट फायर संभव हों। इसे देखते हुए डीआरडीओ और एसएएफ ने काफी शोध के बाद जेवीपीसी का निर्माण किया।
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कई राउंड का ट्रायल करने में सामने आई कमियों को दूर करने के बाद अब इसे आर्मी ट्रायल के लिए तैयार किया गया है। एसएएफ के संयुक्त महाप्रबंधक कैलाश नाथ आर्य ने बताया कि ट्रायल फैक्ट्री में शुरू हुआ है।
इसमें फैक्ट्री के अलावा डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस के अधिकारियों के अलावा आर्मी के अफसर भी मौजूद रहे। पूरे सप्ताह ट्रायल चलेगा। उसके बाद इसकी सफलता को लेकर कोई दावा किया जाएगा।
सफलता के बाद इसके बड़े पैमाने पर निर्माण के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।