विद्या के स्टूडेन्ट्स ने पति संजीव दयाल पर लगाया हत्या का आरोप
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अगर पूरे मामलें में किसी तरह की शिकायत पुलिस से की जाती है तो यकीनन संजीव दयाल की मुसीबतें बढ़ सकती है। कानपुर के टवींन टॉवर कल्यानपुर में एक महीने पहले सभी लोग उस समय सकते में आ गये थे जब प्रोफेसर संजीव दयाल और उनकी पत्नी विध्या दयाल अपार्टमेंट में बंद पाये गये थे। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची कल्यानपुर पुलिस ने दोनों को बाहर निकाल कर हैलट अस्पताल में भर्ती करवाया था। इलाज के दौरान प्रोफेसर संजीव दयाल रामनवमी के दिन डिस्चार्ज होकर आईआईटी चले गये थे लेकिन हैलट में जीवन मौत के बीच संघर्ष कर रही विद्या दयाल की सांसें रविवार देर रात थम गयीं।
विद्या की मौत होने की जानकारी पर उनके साथ पढ़ाने वाली और उनकी स्टूडेंट समेत सामाजिक संगठन की अनिता दुआ, सुमन जायसवाल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उनके साथ रहीं डॉ. स्मिता ने कहा कि जब विद्या के इलाज के खर्चे की बात आयी तो उनके पति ने कदम पीछे ले लिए। वहीं विद्या के भाई मुंबई निवासी विनय कुमार ने कानपुर आने से मना कर दिया और अपनी बहन का शव लेने से भी इनकार कर दिया।
विद्या का इलाज कर रहे डाक्टर जेएस कुशवाहा ने बताया कि तीन दिन पूर्व उन्होंने विद्या को डिस्चार्ज करने और उनका कहीं और इलाज करवाने के लिए उनके पति संजीव को बुलाया और विद्या के डिस्चार्ज करने के लिए संजीव की लिखित सहमति मांगी लेकिन उन्होंने सहमति नहीं दी थी। वहीं डॉ. स्मिता और अनीता दुआ के विद्या के तीन डाक्टरों की मांग पर कार्यवाहक डीएम के निर्देश पर विद्या का तीन डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद संजीव की बहन स्मिता प्रकाश ने विद्या का शव पुलिस द्वारा उन्हें सौपने की लिखित सहमति दी थी।