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इलाज में लापरवाही से प्रसूता ने तोड़ा दम, परिजनों ने सीएचसी गेट पर शव रखकर किया हंगामा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Dec 2018 08:07 PM IST
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इलाज में लापरवाही से प्रसूता ने तोड़ा दम
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में जलालाबाद सीएचसी में इलाज में लापरवाही के चलते शुक्रवार रात प्रसूता की तबियत बिगड़ गई, सुबह परिजन नर्सिंग होम ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर सीएचसी गेट पर हंगामा कर दिया। एसीएमओ और कोतवाली ने कार्रवाई का आश्वासन देर भीड़ को शांत कराया। मृतका के परिजनों ने एक डॉक्टर और एक नर्स के खिलाफ गुरसहायगंज कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जलालाबाद निवासी रामकुमार जाटव की पत्नी लक्ष्मी देवी (30) गर्भवती थी। वह गोवा में कुल्फी बेचने का काम करता है। लक्ष्मी को शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रामकुमार के छोटे भाई राजीव कुमार ने उसे जलालाबाद सीएचसी में भर्ती कराया। शाम 7.25 बजे उसने बेटी को जन्म दिया। रात करीब 11 बजे लक्ष्मी की तबियत बिगड़ गई। स्टाफ नर्स ने घबराहट होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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जलालाबाद निवासी रामकुमार जाटव की पत्नी लक्ष्मी देवी (30) गर्भवती थी। वह गोवा में कुल्फी बेचने का काम करता है। लक्ष्मी को शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रामकुमार के छोटे भाई राजीव कुमार ने उसे जलालाबाद सीएचसी में भर्ती कराया। शाम 7.25 बजे उसने बेटी को जन्म दिया। रात करीब 11 बजे लक्ष्मी की तबियत बिगड़ गई। स्टाफ नर्स ने घबराहट होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने इलाज नहीं किया
इलाज में लापरवाही से प्रसूता ने तोड़ा दम
- फोटो : अमर उजाला
राजीव के मुताबिक रात ज्यादा होने के कारण उसने सीएचसी में ही इलाज करने की गुजारिश की। आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने इलाज नहीं किया। सुबह करीब सात बजे राजीव लक्ष्मी को गुरसहायगंज के नर्सिंग होम ले गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर लेकर चले गए लेकिन कुछ देर बाद भीड़ के साथ लौटे और सीएचसी गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसीएमओ धीरेंद्र आर्या, गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी नागेंद्र पाठक मौके पर पहुंचे।
राजीव ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम स्टाफ नर्स ने एक हजार रुपये मांगे थे। उसे 650 रुपये दिए भी थे। जानकारी होने पर भाजपा नेता गोपाल त्रिपाठी, सचिन पाठक और अनुपम तिवारी भी अस्पताल पहुंच गए। भाजपाइयों की सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर महेंद्रभान सिंह से नोकझोंक हो गई। भाजपा नेताओं का कहना था कि जब सीएचसी में डॉक्टर और सभी सुविधाएं हैं तो लापरवाही क्यों बरती गई। लापरवाह डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई होनी चाहिए। राजीव ने डॉक्टर कृष्ण और स्टाफ नर्स शैलेष के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाल ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
राजीव ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम स्टाफ नर्स ने एक हजार रुपये मांगे थे। उसे 650 रुपये दिए भी थे। जानकारी होने पर भाजपा नेता गोपाल त्रिपाठी, सचिन पाठक और अनुपम तिवारी भी अस्पताल पहुंच गए। भाजपाइयों की सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर महेंद्रभान सिंह से नोकझोंक हो गई। भाजपा नेताओं का कहना था कि जब सीएचसी में डॉक्टर और सभी सुविधाएं हैं तो लापरवाही क्यों बरती गई। लापरवाह डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई होनी चाहिए। राजीव ने डॉक्टर कृष्ण और स्टाफ नर्स शैलेष के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाल ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बिल दिखाए तो सीएचसी प्रभारी शांत हो गए
इलाज में लापरवाही से प्रसूता ने तोड़ा दम
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राजीव कुमार का कहना था अस्पताल के रजिस्टर में रात 11 बजे मरीज को रेफर करना लिखा है जबकि वह सुबह सात बजे सीएचसी से ले गए थे। रजिस्टर पर तीमारदार के कॉलम में किसी दूसरे का अंगूठा भी लगवाया गया है। परिजनों ने सुबह बताया कि डॉक्टर ने कुछ इंजेक्शन और दवाएं बाहर से मंगवाई थीं। जो दवाएं परिजनों ने बताईं उनके बारे में सीएचसी प्रभारी डॉक्टर महेद्रभान सिंह का कहना था कि ये अस्पताल में मौजूद थीं। राजीव ने उन्हें दवाओं की पर्चे और बिल दिखाए तो सीएचसी प्रभारी शांत हो गए।