UP: चार पॉलिटेक्निक व तीन आईटीआई के लिए निजी संचालक तय, पीपीपी मॉडल पर चलाए जाएंगे तकनीकी संस्थान
Kanpur News: निदेशालय के अधिकारियों का मानना है कि निजी हाथों में जाने से प्रशिक्षण का स्तर सुधरेगा। हालांकि पाठ्यक्रम राज्य के अन्य सभी पॉलिटेक्निक व आईटीआई के समान ही होगा। निदेशक प्राविधिक शिक्षा जेएल वर्मा ने बताया कि अगले शिक्षण सत्र से इन संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
विस्तार
तीन राजकीय आईटीआई और चार पॉलिटेक्निकों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर चलाने के लिए राज्य सरकार ने एजेंसियां तय कर दी हैं। उम्मीद है कि नए सत्र में इन तकनीकी संस्थानों का संचालन शुरू हो जाएगा। इन संस्थाओं में लालगंज (प्रतापगढ़), ताखा (इटावा) व कांठ (मुरादाबाद) के राजकीय आईटीआई शामिल हैं।
इसके अलावा बाराबंकी व कन्नौज के राजकीय महिला पॉलिटेक्निक और देवबंद (सहारनपुर) व संडीला (हरदोई) के राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए भी निजी संचालक तय हो गए हैं। संचालन के लिए चुनी गई एजेंसियों में से हिन्दुस्तान लेटेक्स प्रतापगढ़ और इटावा के राजकीय आईटीआई को चलाएगा।
वहीं, मुरादाबाद के राजकीय आईटीआई का संचालन इंदिरा गांधी कंप्यूटर साक्षरता मिशन करेगा। हिन्दुस्तान लेटेक्स ने बाराबंकी और कन्नौज के राजकीय महिला पॉलिटेक्निक व देवबंद पॉलिटेक्निक के संचालन के लिए भी प्रदेश सरकार से करार किया है। इंदिरा गांधी कंप्यूटर साक्षरता मिशन ने हरदोई के राजकीय पॉलिटेक्निक के संचालन के लिए हामी भरी है।
संसाधन होंगे सरकारी, सुधरेगा प्रशिक्षण स्तर
राज्य सरकार से हुए करार के तहत सभी पॉलिटेक्निक व आईटीआई की जमीन सरकार के नाम ही रहेगी। उसमें मौजूदा संसाधन भी सरकारी रहेंगे। निजी संचालक संसाधनों की संख्या बढ़ा सकते हैं।
संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद
निदेशालय के अधिकारियों का मानना है कि निजी हाथों में जाने से प्रशिक्षण का स्तर सुधरेगा। हालांकि पाठ्यक्रम राज्य के अन्य सभी पॉलिटेक्निक व आईटीआई के समान ही होगा। निदेशक प्राविधिक शिक्षा जेएल वर्मा ने बताया कि अगले शिक्षण सत्र से इन संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
हरदोई में 45 फीसदी व इटावा में 30 फीसदी सीटें रहेंगी सरकारी
हरदोई पॉलिटेक्निक में सबसे ज्यादा 45 फीसदी सीटें सरकारी कोटे में रखी गईं हैं। इटावा व प्रतापगढ़ के आईटीआई में 30 फीसदी सीटें सरकारी और 70 फीसदी निजी संचालक केे कोटे में रहेंगी। सरकारी कोटे पर पढ़ने वाले छात्रों को सरकारी फीस ही चुकानी होगी।