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आटा गूंथते वक्त मशीन में फंसा बंदी का हाथ, अस्पताल में समय से नहीं मिला इलाज
Sat, 15 Dec 2018 07:29 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 15 Dec 2018 07:29 PM IST
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जिला अस्पताल भर्ती घायल बंदी हीरालाल
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के उन्नाव जिला कारागार में आटा मशीन में हाथ फंसने से बंदी घायल हो गया। कारागार के अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड से लेकर आर्थो ओपीडी तक उसे कई बार दौड़ाया गया। एक घंटे बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार किया गया।
गोंडा जनपद के करनैलगंज के गांव कुन्नूपुरवा निवासी हीरालाल (38) पुत्र रामनरेश को 2 सिंतबर 2017 को जानलेवा हमले के आरोप में सोहरामऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हीरालाल पर ठेकेदार अंकित सिंह पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था। 2 सिंतबर 2017 से हीरालाल जेल में हैं। शनिवार सुबह वह कारागार में मशीन की मदद से आटा गूंथ रहा था। तभी उसका बायां हाथ मशीन में फंस गया। यह देख साथी बंदी सूरज ने मशीन बंद की।
खून से लथपथ हालत में उसे कारागार के अस्पताल ले जाया गया। हाथ में गंभीर चोट आने से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सिपाही पहले उसे इमरजेंसी वार्ड लाए। हड्डी में चोट की बात कह उसे आर्थो ओपीडी भेज दिया गया। हालांकि हाथ से खून बहने पर डाक्टर ने उसे दोबारा इमरजेंसी वार्ड भेज दिया। जहां डाक्टर गौरव ने उसे भर्ती कर उपचार दिया। उधर जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि मशीन में हाथ फंसने से बंदी घायल हुआ था। कारागार में उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया था।
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भर्ती करने में हुई देरी
बंदी हीरालाल को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करने में एक घंटे का समय लग गया। सिपाही उसे इमरजेंसी वार्ड से लेकर आर्थो ओपीडी तक दौड़ते रहे। बंदी को भर्ती करने को लेकर आर्थो ओपीडी के डाक्टर व इमरजेंसी वार्ड के डाक्टर में कहासुनी भी हुई।
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गोंडा जनपद के करनैलगंज के गांव कुन्नूपुरवा निवासी हीरालाल (38) पुत्र रामनरेश को 2 सिंतबर 2017 को जानलेवा हमले के आरोप में सोहरामऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हीरालाल पर ठेकेदार अंकित सिंह पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था। 2 सिंतबर 2017 से हीरालाल जेल में हैं। शनिवार सुबह वह कारागार में मशीन की मदद से आटा गूंथ रहा था। तभी उसका बायां हाथ मशीन में फंस गया। यह देख साथी बंदी सूरज ने मशीन बंद की।
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खून से लथपथ हालत में उसे कारागार के अस्पताल ले जाया गया। हाथ में गंभीर चोट आने से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सिपाही पहले उसे इमरजेंसी वार्ड लाए। हड्डी में चोट की बात कह उसे आर्थो ओपीडी भेज दिया गया। हालांकि हाथ से खून बहने पर डाक्टर ने उसे दोबारा इमरजेंसी वार्ड भेज दिया। जहां डाक्टर गौरव ने उसे भर्ती कर उपचार दिया। उधर जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि मशीन में हाथ फंसने से बंदी घायल हुआ था। कारागार में उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया था।
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भर्ती करने में हुई देरी
बंदी हीरालाल को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करने में एक घंटे का समय लग गया। सिपाही उसे इमरजेंसी वार्ड से लेकर आर्थो ओपीडी तक दौड़ते रहे। बंदी को भर्ती करने को लेकर आर्थो ओपीडी के डाक्टर व इमरजेंसी वार्ड के डाक्टर में कहासुनी भी हुई।