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पत्नी की हत्या करने पर मिली थी 10 साल की कैद, अब हत्यारे ने जेल में लगाई फांसी
Fri, 19 Apr 2019 11:30 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:30 PM IST
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कैदी ने फांसी लगाकर जान दी
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फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में पत्नी की हत्या में सजायाफ्ता एक कैदी का शव शुक्रवार की सुबह फंदे पर लटका मिला। वह फेफड़े की गंभीर बीमारी से ग्रसित था। परिजनों ने घटनास्थल देखने के बाद जेल प्रशासन की आत्महत्या की बात पर संदेह जाहिर किया है। जनपद कन्नौज के मोहल्ला सफदरगंज निवासी मो. वसीम (50) पुत्र मोहम्मद यासीन ने 12 वर्ष पहले पत्नी नूराना बेगम के साथ मारपीट की थी।
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इससे उसकी मौत हो गई थी। इसमें बिल्हौर के मोहल्ला खानजादा निवासी नूराना बेगम के पिता कल्लू ने वसीम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसमें वसीम को 10 साल की सजा हुई थी। कन्नौज जेल में सजा काटने के दौरान वर्ष 2014 में वसीम का कानपुर के कैदी से विवाद हो गया। इसमें सरिया लगने से कानपुर के कैदी की मौत हो गई।
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इस मामले में भी वसीम पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। इसी के चलते उसे 3 जुुलाई 2014 को फतेहगढ़ सेंटल भेजा गया था। टीबी की बीमारी के चलते वह जेल अस्पताल के वार्ड में था। शुक्रवार सुबह 5.30 बजे शौचालय गए एक कैदी ने उसे लुंगी से बने फंदे पर लटका देखा। नायब तहसीलदार पवन कुमार गुप्ता की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरा गया।
सूचना पर पहुंचे परिजनों वसीम के बड़े भाई हासिम, पुत्र नदीम, अजीम व बहनोई के छोटे भाई सभासद मुश्तेहसन ने जेल से निकलने के बाद बताया कि उन्हें जेल अधीक्षक ने घटना स्थल दिखाया। शौचालय का जंगला चार फिट ऊंचा है। उसमें लुंगी से फांसी लगाने की जानकारी दी गई। फंदे पर लटके शव के घुटने जमीन पर थे। इस पर उन्होंने जेल की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
हालांकि वार्ड के कैदियों से विवाद की कोई बात सामने नहीं आई। उन्हें खुदकशी की घटना पर संदेह है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएमएच रिजवी ने बताया कि सुबह पांच बजे तक अन्य कैदियों ने वसीम को वार्ड में ही देखा। टीबी से वह काफी कमजोर हो गया था। आशंका है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या की है। प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।
सूचना पर पहुंचे परिजनों वसीम के बड़े भाई हासिम, पुत्र नदीम, अजीम व बहनोई के छोटे भाई सभासद मुश्तेहसन ने जेल से निकलने के बाद बताया कि उन्हें जेल अधीक्षक ने घटना स्थल दिखाया। शौचालय का जंगला चार फिट ऊंचा है। उसमें लुंगी से फांसी लगाने की जानकारी दी गई। फंदे पर लटके शव के घुटने जमीन पर थे। इस पर उन्होंने जेल की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
हालांकि वार्ड के कैदियों से विवाद की कोई बात सामने नहीं आई। उन्हें खुदकशी की घटना पर संदेह है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएमएच रिजवी ने बताया कि सुबह पांच बजे तक अन्य कैदियों ने वसीम को वार्ड में ही देखा। टीबी से वह काफी कमजोर हो गया था। आशंका है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या की है। प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।