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मंदिर में पुजारी का शव मिलने से मची सनसनी, एक महीने पहले ही एसपी को बताया था कि मेरी जान को खतरा है
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 29 May 2018 08:43 PM IST
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यूपी के बांदा जिले में शंभू नगर के हनुमान मंदिर में पुजारी का शव मिला है। पुजारी ने पिछले माह एसपी से अपनी जान को खतरा होने की शिकायत की थी। उसके भाई ने आरोप लगाया है कि मंदिर की जमीन कब्जाने की कोशिश में लगे लोगों ने हत्या की है।
पुलिस को मौके पर बताया गया है कि मरका गांव निवासी शिवबली यादव (70) ने शंभू नगर में अपनी जमीन पर हनुमान मंदिर बनाया था और वह ही पुजारी था। मंगलवार को सुबह कमरे में उसका शव मिला। उसके नाक और मुंह से खून बह रहा था। पड़ोसी रामप्रकाश निषाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई शिवबरन ने बताया कि मंदिर की जमीन हम तीन भाइयों मृतक शिवबली, शिवशरन और शिवबरन के नाम पर थी। शिवबली अविवाहित था और 1997 में साधु बन गया था। 20 साल पहले गांव की अपनी तीन बीघा जमीन शिवबली ने अपने भाइयों के नाम कर दी थी। भाइयों में कोई विवाद नहीं था।
शिवबरन का आरोप है कि मंदिर की जमीन कब्जाने की नीयत से शिवबली की हत्या की गई है। पिछले माह शिवबली ने बताया था कि उसकी जान को खतरा है, जिसकी शिकायत एसपी से भी लिखित में की थी। संबंधित चौकी प्रभारी ने जांच की और अपना मोबाइल नंबर देकर चले गए थे। फिर सुध नहीं ली थी। उधर, कोतवाली के एसएसआई ताराचंद्र ने बताया कि वह 22 साल से अन्न त्यागे थे। फलाहार करते रहे। प्रथम दृष्टया ब्रेन हैमरेज से मौत प्रतीत होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
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पुलिस को मौके पर बताया गया है कि मरका गांव निवासी शिवबली यादव (70) ने शंभू नगर में अपनी जमीन पर हनुमान मंदिर बनाया था और वह ही पुजारी था। मंगलवार को सुबह कमरे में उसका शव मिला। उसके नाक और मुंह से खून बह रहा था। पड़ोसी रामप्रकाश निषाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई शिवबरन ने बताया कि मंदिर की जमीन हम तीन भाइयों मृतक शिवबली, शिवशरन और शिवबरन के नाम पर थी। शिवबली अविवाहित था और 1997 में साधु बन गया था। 20 साल पहले गांव की अपनी तीन बीघा जमीन शिवबली ने अपने भाइयों के नाम कर दी थी। भाइयों में कोई विवाद नहीं था।
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शिवबरन का आरोप है कि मंदिर की जमीन कब्जाने की नीयत से शिवबली की हत्या की गई है। पिछले माह शिवबली ने बताया था कि उसकी जान को खतरा है, जिसकी शिकायत एसपी से भी लिखित में की थी। संबंधित चौकी प्रभारी ने जांच की और अपना मोबाइल नंबर देकर चले गए थे। फिर सुध नहीं ली थी। उधर, कोतवाली के एसएसआई ताराचंद्र ने बताया कि वह 22 साल से अन्न त्यागे थे। फलाहार करते रहे। प्रथम दृष्टया ब्रेन हैमरेज से मौत प्रतीत होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
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