{"_id":"60d8d6d18ebc3e22183d6fa7","slug":"president-named-paraunkh-35-times-pukhrayan-s-name-23-times-akbarpur-news-knp636866972","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति ने 35 बार परौंख, 23 बार लिया पुखरायां का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रपति ने 35 बार परौंख, 23 बार लिया पुखरायां का नाम
विज्ञापन
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार को पैतृक गांव परौंख व कर्मस्थली पुखरायां पहुंचे। लोगों ने दीदार कर उनका जमकर स्वागत किया। दोनों जगह संबोधन के दौरान उन्होंने गांव का 33 बार जिक्र किया। जबकि कर्मस्थली पुखरायां का नाम उन्होंने 23 बार लिया। गांव व पुखरायां का नाम लेने पर युवाओं ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया। वहीं राष्ट्रपति ने भी खुश होकर उनकी सराहना की।
करीब चार साल पहले जब परौंख के लाल रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बने तो गांव सहित जिले के लोगों में उत्साह देखने को मिला। इसके बाद लोगों ने उनके गांव व क्षेत्र में आने की उम्मीद लगाई। चार साल बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जब जन्मस्थली व कर्मस्थली पहुंचे तो उन्होंने अपने संबोधन में पैतृक गांव परौंख का नाम 33 बार लिया।
कर्मस्थली रही पुखरायां का नाम उन्होंने 23 बार लिया। परौंख व पुखरायां का नाम लेते ही पांडाल में बैठे लोगों का उत्साह देखने लायक था। जोश से भरे युवाओं ने राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान कई बार तालियां बजाईं। लोगों का उत्साह देख वह भावुक भी हो गए। (संवाद)
विज्ञापन
जहां से जीवन हुआ शुरू उसे नहीं भूल सकता
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संबोधन के दौरान कहा कि जिस जगह से मेरे जीवन की शुरुआत हुई उसे नहीं भूल सकता। चार साल बाद पुखरायां आ सका। उम्मीद करता हूं। एक साल के भीतर दोबारा फिर आऊं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य से बिहार राज्यपाल तक और फिर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का श्रेय कर्मस्थली पुखरायां को जाता। जिसे कभी नहीं भूल सकता।
युवा से शुरू, युवाओं पर खत्म हुआ संबोधन
कानपुर देहात। पुखरायां में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संबोधन युवाओं से शुरू हुआ और युवाओं पर ही खत्म हुआ। उन्होंने पीछे खड़े युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा न केवल जिले बल्कि देश का भविष्य हैं। अपनी ताकत व ऊर्जा को पहचाने और बेहतर राष्ट्र का निर्माण करें। कहा कि युवा आगे बढ़ेगा तो पुखरायां आगे बढ़ेगा। इस दौरान युवाओं ने कई बार जय श्री राम, भारत माता की जय के नारे लगाए। युवाओं के उत्साह के बीच राष्ट्रपति को दो बार संबोधन में करीब तीन-तीन सेकेंड के लिए रुकना पड़ा।
दो बार में घूम ली चार विधानसभा
कानपुर देहात। पुखरायां में संबोधन के दौरान रामनाथ कोविंद ने कहा कि एक साल से गांव आने की सोच रहा था, लेकिन संयोग नहीं बन पा रहा था। आज परौंख व पुखरायां अपने के बीच पहुंचने पर खुशी हो रही है। दो दिन के प्रवास में रसूलाबाद, रनियां, सिकंदरा, भोगनीपुर सहित चारों विधान सभा के लोगों से मिल लिया। भले पुखरायां में राष्ट्रपति लोगों को संबोधित कर रहे थे, लेकिन उन्होंने वहां भी दो बार झींझक व दो बार रूरा के जिक्र के साथ अपने लोगों को याद किया।
विज्ञापन
करीब चार साल पहले जब परौंख के लाल रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बने तो गांव सहित जिले के लोगों में उत्साह देखने को मिला। इसके बाद लोगों ने उनके गांव व क्षेत्र में आने की उम्मीद लगाई। चार साल बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जब जन्मस्थली व कर्मस्थली पहुंचे तो उन्होंने अपने संबोधन में पैतृक गांव परौंख का नाम 33 बार लिया।
विज्ञापन
कर्मस्थली रही पुखरायां का नाम उन्होंने 23 बार लिया। परौंख व पुखरायां का नाम लेते ही पांडाल में बैठे लोगों का उत्साह देखने लायक था। जोश से भरे युवाओं ने राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान कई बार तालियां बजाईं। लोगों का उत्साह देख वह भावुक भी हो गए। (संवाद)
विज्ञापन
जहां से जीवन हुआ शुरू उसे नहीं भूल सकता
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संबोधन के दौरान कहा कि जिस जगह से मेरे जीवन की शुरुआत हुई उसे नहीं भूल सकता। चार साल बाद पुखरायां आ सका। उम्मीद करता हूं। एक साल के भीतर दोबारा फिर आऊं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य से बिहार राज्यपाल तक और फिर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का श्रेय कर्मस्थली पुखरायां को जाता। जिसे कभी नहीं भूल सकता।
युवा से शुरू, युवाओं पर खत्म हुआ संबोधन
कानपुर देहात। पुखरायां में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संबोधन युवाओं से शुरू हुआ और युवाओं पर ही खत्म हुआ। उन्होंने पीछे खड़े युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा न केवल जिले बल्कि देश का भविष्य हैं। अपनी ताकत व ऊर्जा को पहचाने और बेहतर राष्ट्र का निर्माण करें। कहा कि युवा आगे बढ़ेगा तो पुखरायां आगे बढ़ेगा। इस दौरान युवाओं ने कई बार जय श्री राम, भारत माता की जय के नारे लगाए। युवाओं के उत्साह के बीच राष्ट्रपति को दो बार संबोधन में करीब तीन-तीन सेकेंड के लिए रुकना पड़ा।
दो बार में घूम ली चार विधानसभा
कानपुर देहात। पुखरायां में संबोधन के दौरान रामनाथ कोविंद ने कहा कि एक साल से गांव आने की सोच रहा था, लेकिन संयोग नहीं बन पा रहा था। आज परौंख व पुखरायां अपने के बीच पहुंचने पर खुशी हो रही है। दो दिन के प्रवास में रसूलाबाद, रनियां, सिकंदरा, भोगनीपुर सहित चारों विधान सभा के लोगों से मिल लिया। भले पुखरायां में राष्ट्रपति लोगों को संबोधित कर रहे थे, लेकिन उन्होंने वहां भी दो बार झींझक व दो बार रूरा के जिक्र के साथ अपने लोगों को याद किया।