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कानपुर: चिड़ियाघर में सीएनजी इंजन से अगस्त में ट्रेन दौड़ाने की तैयारी, मनमाने तरीके से खर्च हो रहा बजट
Fri, 23 Jul 2021 10:07 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 23 Jul 2021 10:07 AM IST
सार
निदेशक शेष नारायण मिश्रा ने सीएनजी इंजन की खरीदारी करने की जिम्मेदारी रेंजर दिलीप गुप्ता को दी थी। उन्होंने मेरठ से बस का पुराना डीजल इंजन बिना जेम पोर्टल के एक लाख रुपये से अधिक दाम में खरीद लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर चिड़ियाघर में तीन माह से खड़ी बाल ट्रेन को अगस्त में दौड़ाने की तैयारी है। इसमें प्रबंधन नियमों की अनदेखी कर रहा है। बस के पुराने डीजल इंजन को पांच लाख रुपये में सीएनजी में बदला जा रहा है। शासन का सख्त निर्देश है कि एक लाख रुपये से अधिक में कराए जाने वाले किसी भी कार्य के लिए सामान की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से कराई जानी है।
दूसरी तरफ चिड़ियाघर प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर सीएनजी इंजन तैयार करा रहा है। निदेशक शेष नारायण मिश्रा ने सीएनजी इंजन की खरीदारी करने की जिम्मेदारी रेंजर दिलीप गुप्ता को दी थी। उन्होंने मेरठ से बस का पुराना डीजल इंजन बिना जेम पोर्टल के एक लाख रुपये से अधिक दाम में खरीद लिया।
फिर कानपुर के ही एक इंजीनियर को तलाशकर इंजन को सीएनजी में बदलने का जिम्मा सौंप दिया। इंजीनियर डीजल इंजन को सीएनजी में बदलने में जुटे हुए हैं। इस इंजन को तैयार करने में पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा है। इसके लिए आठ सीएनजी सिलिंडर खरीदे जाएंगे। एक बार में चार सिलिंडर लगाए जाएंगे। पहले प्रबंधन ने इंजन को पूरी तरह से तैयार करने में तीन लाख रुपये खर्च होने की बात कही थी, अब पांच लाख खर्च होने का अनुमान है।
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दूसरी तरफ चिड़ियाघर प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर सीएनजी इंजन तैयार करा रहा है। निदेशक शेष नारायण मिश्रा ने सीएनजी इंजन की खरीदारी करने की जिम्मेदारी रेंजर दिलीप गुप्ता को दी थी। उन्होंने मेरठ से बस का पुराना डीजल इंजन बिना जेम पोर्टल के एक लाख रुपये से अधिक दाम में खरीद लिया।
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फिर कानपुर के ही एक इंजीनियर को तलाशकर इंजन को सीएनजी में बदलने का जिम्मा सौंप दिया। इंजीनियर डीजल इंजन को सीएनजी में बदलने में जुटे हुए हैं। इस इंजन को तैयार करने में पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा है। इसके लिए आठ सीएनजी सिलिंडर खरीदे जाएंगे। एक बार में चार सिलिंडर लगाए जाएंगे। पहले प्रबंधन ने इंजन को पूरी तरह से तैयार करने में तीन लाख रुपये खर्च होने की बात कही थी, अब पांच लाख खर्च होने का अनुमान है।
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बस का पुराना डीजल इंजन लाया गया है। आठ सिलिंडर खरीदे जाएंगे। लोकल इंजीनियर से उसे तैयार कर अगस्त में सीएनजी इंजन से ट्रेन दौड़ाने की तैयारी है। - दिलीप गुप्ता, रेंजर
सीएनजी इंजन लाने की जिम्मेदारी रेंजर को दी है। वही उसे तैयार करा रहे हैं। वो कहां से खरीदारी कर रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है। - शेष नारायण मिश्रा, निदेशक