Piyush Jain: इत्र कारोबारी से जुड़े कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी, DGGI ने निकाली 497 करोड़ की देनदारी
Kanpur Crime: डीजीजीआई ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन पर 497 करोड़ रुपये कर की देनदारी निकाली है। लगभग 207 करोड़ रुपये सीज किया जा चुका है। अब 290 करोड़ रुपये और चुकाने पड़ सकते हैं।
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इत्र कारोबारी पीयूष जैन के साथ व्यापार में शामिल ट्रांसपोर्टर व पान मसाला सप्लायर समेत कई और लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। डीजीजीआई की ओर से पीयूष की तीन फर्मों समेत छह फर्म व उसके आठ निदेशक व साझेदारों को नोटिस जारी किया गया है।
जल्द ही इनके खिलाफ भी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा सकती है। पीयूष की तीनों फर्मों पर लगभग 497 करोड़ रुपये जीएसटी की देनदारी निकाली गई है। इस बात का खुलासा डीजीजीआई के विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने किया।
अम्ब्रीष ने बताया कि मेसर्स ओडोचैम इंडस्ट्रीज, मेसर्स फ्लोरा नेचुरले, मेसर्स ओडोसेंथ आईएनसी व उसके साझेदार पीयूष कुमार जैन, अम्ब्रीष कुमार जैन, महेश चंद्र जैन, मेसर्स त्रिमूर्ति फ्रेग्रेंसेस प्रा.लि. व उसके निदेशक दीपक अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है।
विवेचना लगभग हो चुकी है पूरी
इसके अलावा, मैनेजर शैलेंद्र मित्तल, मेसर्स गणपति रोड कैरियर्स प्रा.लि. व उसके निदेशक प्रवीण कुमार जैन, रजत जैन, मेसर्स एस. कुशलचंद इंटरनेशनल प्रा.लि. व उसके निदेशक सुनील ए. हिरानी को भी नोटिस भेजा गया है। इनके खिलाफ विवेचना लगभग पूरी हो गई है।
चुकाने पड़ सकते हैं 290 करोड़
जल्द ही इनके खिलाफ भी मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। डीजीजीआई ने 497 करोड़ की देनदारी निकाली है। लगभग 207 करोड़ रुपये सीज किया जा चुका है। इस लिहाज से पीयूष को लगभग 290 करोड़ रुपये और चुकाने पड़ सकते हैं।
मामले में सुनवाई 23 मई को
पीयूष के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने बताया कि पीयूष जैन के खिलाफ जीएसटी चोरी के लिए डीजीजीआई और सोना तस्करी के लिए डीआरआई की ओर से दर्ज किए गए मामलों में स्पेशल सीजेएम कोर्ट में अगली सुनवाई 23 मई को होगी।