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चुनाव परिणाम के बाद सभी राजनीतिक दल ये बड़ा बदलाव करने की बना रहे योजनाएं
Sun, 12 May 2019 11:17 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 12 May 2019 11:17 AM IST
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लोकसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दलों में संगठनात्मक फेरबदल की तैयारियां चल रही हैं। पार्टी सूत्रों की तरफ से कहा जा रहा है कि जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतेगा या फिर जिसे अनुमान के मुताबिक बेहतर वोट हासिल होगा, ऐसे दलों के वर्तमान पदाधिकारियों को गुड लिस्ट में रखा जा सकता है।
जिस पार्टी की स्थिति चुनाव में उम्मीद से कम होगी, उनकी माइनस मार्किंग भी की जाएगी। भाजपा की उत्तर और दक्षिण जिला इकाई का गठन हुए दो वर्ष हुए हैं, क्योंकि गठन की प्रक्रिया काफी देर से हुई, इस वजह से इसके एक सीजन की अवधि पूरी हो चुकी है।
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जिस पार्टी की स्थिति चुनाव में उम्मीद से कम होगी, उनकी माइनस मार्किंग भी की जाएगी। भाजपा की उत्तर और दक्षिण जिला इकाई का गठन हुए दो वर्ष हुए हैं, क्योंकि गठन की प्रक्रिया काफी देर से हुई, इस वजह से इसके एक सीजन की अवधि पूरी हो चुकी है।
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अब चुनाव परिणाम के आधार पर इनमें फेरबदल की गुंजाइश रहेगी। वैसे भाजपा के लोग यह मानकर चल रहे हैं कि उनका प्रत्याशी जीत रहा है, ऐसे में संगठन में बदलाव अभी देरी से संभव है।
इसी तरह कांग्रेस की शहर और देहात इकाइयों की तीन वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है। कहा जा रहा है कि पहले प्रदेश स्तर पर संगठन बदलेगा, उसके बाद जिले में भी बदलाव संभव है।
इसी तरह कांग्रेस की शहर और देहात इकाइयों की तीन वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है। कहा जा रहा है कि पहले प्रदेश स्तर पर संगठन बदलेगा, उसके बाद जिले में भी बदलाव संभव है।
समाजवादी पार्टी की जिला इकाइयों का कार्यकाल अब पांच वर्ष का हो गया है। ऐसे में अभी कोई बदलाव की गुंजाइश नहीं है। कहा जा रहा है कि चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने तरीके से इकाइयों की मॉनीटरिंग करेंगे।
बहुजन समाज पार्टी और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की नगर और ग्रामीण इकाइयों में भी चुनाव के बाद फेरबदल की बात कही जा रही है। इसे लेकर पार्टी से जुड़े लोग अपना संपर्क बढ़ाने में जुट गए हैं।
बहुजन समाज पार्टी और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की नगर और ग्रामीण इकाइयों में भी चुनाव के बाद फेरबदल की बात कही जा रही है। इसे लेकर पार्टी से जुड़े लोग अपना संपर्क बढ़ाने में जुट गए हैं।