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कन्नौज: चिकित्सकों की गैर मौजूदगी में प्रसव से नवजात का सिर हुआ अलग, पेट में फंसा रहा धड़

Tue, 23 Apr 2019 11:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 23 Apr 2019 11:33 PM IST
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pregnant women delivery without doctor
गर्भवती महिला - फोटो : shutterstock
कन्नौज मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की गैर मौजूदगी में प्रसव के दौरान स्टाफ ने लापरवाही की हदें पार कर दीं। बच्चा पेट में फंसने पर उसे इतना जोर लगाकर खींचा कि नवजात की गर्दन धड़ से अलग हो गई। पेट में धड़ फंस जाने से प्रसूता की हालत बिगड़ गई। मामले की जानकारी होते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जब मामले को संज्ञान में नहीं लिया तो प्रसूता को लेकर परिजन नर्सिंग होम पहुंचे। यहां ऑपरेशन के बाद पेट से नवजात का धड़ निकाला गया। प्रसूता की हालत अब ठीक है ठठिया थाना के गांव सिसइयनपुरवा निवासी पुनीत की 25 वर्षीय पत्नी सीमा देवी को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। पुनीत सुबह साढ़े सात बजे सीमा को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
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बच्चा फंस जाने पर नर्सों ने इतना जोर लगा दिया कि नवजात का सिर हाथ में आ गया

यहां महिला चिकित्सक नहीं थीं। इस पर नर्सों ने सीमा को भर्ती कर प्रसव कराना शुरू किया। बच्चा फंस जाने पर नर्सों ने इतना जोर लगा दिया कि नवजात का सिर हाथ में आ गया। धड़ पेट के अंदर फंसा रह गया। यह देख नर्स घबरा गईं। वह प्रसूता को छोड़कर बाहर आ गईं। करीब 10 बजे चिकित्सकों के आने पर प्रसव कराने की बात कहने लगीं।

वहीं सीमा की हालत बिगड़ती देखकर पुनीत और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देखकर नर्सें सीमा को गंभीर हालत में छोड़कर चली गईं। इससे परिजन और भड़क गए। मौके पर जिम्मेदारों के न पहुंचने पर पुनीत नवजात का सिर हाथ में लेकर पत्नी को नर्सिंगहोम में ले गए। यहां निजी चिकित्सकों ने आपरेशन कर पेट में फंसे धड़ को बाहर निकाला। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है।

 

महिला के पेट में नवजात की मौत हो गई थी पूरी तरह से गल गया था शरीर

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस दिलीप सिंह ने बताया कि महिला के पेट में नवजात की मौत हो गई थी। नवजात पूरी तरह से गल गया था। इसके अलावा गांव में किसी दाई ने प्रसव कराने का प्रयास किया था। यही कारण है कि प्रसव के दौरान ऐसा हुआ। वहीं, सीएमओ डाक्टर कृष्ण स्वरूप ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे।

यदि कोई दोषी होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अधेश कुमार ने बताया कि कभी-कभी प्रसूताओं द्वारा गर्म दवाओं का सेवन कर लिया जाता है। इससे बच्चे में इंफेक्शन पैदा हो जाता है। इंफेक्शन से नवजात का शरीर नहीं पनप पाता है। कभी-कभी गर्म दवाओं के चलते नवजात के अंग पेट में ही गलना शुरू हो जाते हैं। इससे ऐसे मामले सामने आते हैं।
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