{"_id":"5dd16cad8ebc3e55061a91ca","slug":"pregnant-woman-died-due-to-ambulance-service","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: एंबुलेंस की देरी से थम गई गर्भवती की सांसें, परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: एंबुलेंस की देरी से थम गई गर्भवती की सांसें, परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
Sun, 17 Nov 2019 09:27 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 17 Nov 2019 09:27 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट में प्रदेश सरकार जननी सुरक्षा के लिए लाखों की धनराशि खर्च रही है। बावजूद इसके विभागीय अनदेखी के चलते योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाती। स्वास्थ्य सेवाएं जनपद में पूरी तरह बदहाल है। सबसे बदतर स्थिति तो जननी सुरक्षा योजना की है। आएदिन जच्चा-बच्चा की मौत के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
बीती रात दर्द से कराहती गर्भवती को समय पर एंबुलेंस न मुहैया होने से परिजन किसी तरह निजी साधन से अस्पताल ले गए। जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मानिकपुर तहसील अंतर्गत ग्राम नयाचंद्रा के कमलेश यादव की पत्नी सबिता (25) को शनिवार की देर रात प्रसव वेदना के चलते परिजनों ने गांव से मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाने को 102 एंबुलेंस पर फोन किया।
विज्ञापन
बीती रात दर्द से कराहती गर्भवती को समय पर एंबुलेंस न मुहैया होने से परिजन किसी तरह निजी साधन से अस्पताल ले गए। जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मानिकपुर तहसील अंतर्गत ग्राम नयाचंद्रा के कमलेश यादव की पत्नी सबिता (25) को शनिवार की देर रात प्रसव वेदना के चलते परिजनों ने गांव से मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाने को 102 एंबुलेंस पर फोन किया।
विज्ञापन
काफी रात तक एंबुलेंस गांव नहीं पहुंची। इधर प्रसव पीड़ा से गर्भवती महिला तड़पती रही। आखिर मेें परिजन एंबुलेंस की आशा छोड़कर निजी साधन से सीएचसी लाये। जहां डाॅक्टरों ने हालत नाजुक होने के चलते जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दे डाली। ऐसे में तीमारदार और परेशान हो गए।
सीएचसी से काफी मिन्नताें के बाद मिली एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डाॅक्टरों ने गर्भवती सबिता को मृत घोषित कर दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के जेठ राजेश कुमार यादव ने बताया कि रात करीब 12 बजे से एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे।
सीएचसी से काफी मिन्नताें के बाद मिली एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डाॅक्टरों ने गर्भवती सबिता को मृत घोषित कर दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के जेठ राजेश कुमार यादव ने बताया कि रात करीब 12 बजे से एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे।
अगर समय पर एंबुलेंस आती तो जान बच सकती थी। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते सेवाएं सही ढंग से संचालित नहीं हो रही है। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डाॅ. एबी कटियार ने बताया कि गर्भवती महिला की स्थिति बेहद नाजुक थी।
नब्ज न मिलने के चलते सीएचसी के डाॅक्टरों ने उपचार देकर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्यवाही होगी। उधर एंबुलेंस संचालन के जिला प्रभारी अनुराग अग्रहरि ने बताया कि इस मामले में पूछताछ की जा रही है।
नब्ज न मिलने के चलते सीएचसी के डाॅक्टरों ने उपचार देकर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्यवाही होगी। उधर एंबुलेंस संचालन के जिला प्रभारी अनुराग अग्रहरि ने बताया कि इस मामले में पूछताछ की जा रही है।